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ब्रॉड पीक एवलांच में पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का निधन, दुनिया ने खोया 'निम्स दाई'
Shantanu Roy
1 Aug 2026 5:37 PM IST

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New Delhi. नई दिल्ली। विश्व प्रसिद्ध नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुर्जा, जिन्हें दुनिया भर में 'निम्स दाई' (Nims Dai) के नाम से जाना जाता था, के निधन की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। पाकिस्तान के कराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के दौरान आए भीषण हिमस्खलन (एवलांच) में वे लापता हो गए थे। अब उनकी कंपनी एलीट एक्सपेड ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि इस हादसे में निर्मल पुर्जा और अभियान में शामिल अन्य पर्वतारोहियों की मौत हो गई। इस खबर के सामने आने के बाद पर्वतारोहण जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
एलीट एक्सपेड ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर जारी बयान में बताया कि गुरुवार को अभियान दल कैंप-2 से कैंप-3 की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान लगभग 6,600 मीटर की ऊंचाई पर अचानक भीषण हिमस्खलन आ गया, जिसने पूरे दल को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के तुरंत बाद टीम से संपर्क पूरी तरह टूट गया था। दो दिनों तक लगातार उम्मीदें बनी रहीं और खोजबीन जारी रही, लेकिन शनिवार को यह पुष्टि हो गई कि निर्मल पुर्जा सहित अभियान में शामिल कोई भी सदस्य जीवित नहीं बच सका। अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान के अनुसार यह एक दस सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल था। इसमें पांच नेपाली पर्वतारोही शामिल थे, जिनका नेतृत्व स्वयं निर्मल पुर्जा कर रहे थे। इसके अलावा दल में पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका और चीन के एक-एक पर्वतारोही तथा एक अन्य अंतरराष्ट्रीय सदस्य भी शामिल थे। हादसे ने पूरे अभियान को खत्म कर दिया और सभी सदस्यों की मौत की पुष्टि की गई।
ब्रॉड पीक दुनिया की सबसे कठिन पर्वत चोटियों में गिना जाता है। इसकी ऊंचाई लगभग 8,047 मीटर है और यह विश्व का 12वां सबसे ऊंचा पर्वत माना जाता है। कराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित यह शिखर अपने अत्यंत कठिन मार्ग, खराब मौसम और अचानक आने वाले हिमस्खलनों के लिए प्रसिद्ध है। पर्वतारोहण विशेषज्ञों के अनुसार 6,600 मीटर से ऊपर का क्षेत्र अत्यधिक जोखिम वाला माना जाता है, जहां मौसम कुछ ही मिनटों में बदल सकता है। निर्मल पुर्जा आधुनिक पर्वतारोहण की दुनिया के सबसे प्रेरणादायक नामों में शामिल थे। उन्होंने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए जिन्हें लंबे समय तक असंभव माना जाता था। विशेष रूप से दुनिया की सभी 14 आठ हजार मीटर से ऊंची चोटियों को बेहद कम समय में फतह कर उन्होंने वैश्विक पहचान हासिल की थी। उनकी उपलब्धियों ने नेपाल के पर्वतारोहण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। पर्वतारोहण के प्रति उनका जुनून, नेतृत्व क्षमता और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता उन्हें अन्य पर्वतारोहियों से अलग बनाती थी।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने निर्मल पुर्जा समेत छह नेपाली और चार विदेशी पर्वतारोहियों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने फेसबुक पर जारी अपने संदेश में कहा कि पर्वतारोहण केवल किसी शिखर तक पहुंचने की यात्रा नहीं है, बल्कि यह साहस, अनुशासन, त्याग और मानवीय सीमाओं को चुनौती देने वाले अदम्य आत्मविश्वास का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हिमालय कई लोगों को विजय का गौरव देता है, लेकिन कभी-कभी अपने वीर पर्वतारोहियों को हमेशा के लिए अपनी गोद में भी समेट लेता है। ऐसे साहसी लोग अपने समर्पण और उपलब्धियों के कारण हमेशा इतिहास में अमर रहते हैं। निर्मल पुर्जा द्वारा स्थापित एलीट एक्सपेड ने अपने बयान में उनके साथ अभियान पर मौजूद विश्वसनीय साथी और गाइड पुर्व बहादुर गुरुंग युक्ता तथा नीमा शेरपा के निधन पर भी गहरा दुख व्यक्त किया। कंपनी ने सभी दिवंगत पर्वतारोहियों के परिवारों, मित्रों और शुभचिंतकों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए इस कठिन समय में उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की है। निर्मल पुर्जा का निधन पर्वतारोहण जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उन्होंने अपने साहस, दृढ़ संकल्प और असाधारण उपलब्धियों से दुनिया भर के पर्वतारोहियों को प्रेरित किया। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
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