
रायपुर/दिल्ली। देशभर में मॉनसून की रफ्तार अब तेज होती नजर आ रही है. 5 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मॉनसून ने पूरे राज्य को कवर कर लिया है और कर्नाटक व तमिलनाडु के कुछ हिस्सों तक भी पहुंच गया है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती चरण में मॉनसून काफी सक्रिय दिखाई दे रहा है और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है.
महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में अगले दो दिन के दौरान कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. पश्चिमी तट पर केरल से लेकर गोवा और मुंबई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने के संकेत हैं. कर्नाटक और केरल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है. वहीं उत्तर-पूर्व भारत में भी बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले तीन-चार दिनों तक झमाझम बारिश का दौर जारी रह सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि मॉनसून जल्द ही पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को कवर कर लेगा.
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 जून को अच्छी बारिश होने की संभावना है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान के कई इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. हालांकि 7 जून के बाद उत्तर भारत में बारिश की तीव्रता कम होने के संकेत हैं. मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी मौसम बदलने वाला है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में प्री-मॉनसून बारिश से तापमान में गिरावट आ सकती है. दूसरी ओर बिहार, झारखंड और ओडिशा में फिलहाल व्यापक बारिश की संभावना कम है. बिहार के उत्तरी और तराई क्षेत्रों में 6 जून से बारिश बढ़ सकती है, जबकि दक्षिणी जिलों में गर्मी का असर बना रह सकता है.
राजस्थान में पूर्वी और उत्तरी जिलों में बारिश और धूलभरी आंधी की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है. गुजरात के तटीय इलाकों में हल्की प्री-मॉनसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं, लेकिन राज्य के अधिकांश हिस्सों में अभी गर्मी का असर जारी रहेगा. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण और पश्चिम भारत में मॉनसून की प्रगति फिलहाल अनुकूल बनी हुई है. आने वाले दिनों में मॉनसून गोवा, कर्नाटक के शेष हिस्सों, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के अधिक क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है. उत्तर भारत को अभी मॉनसून के लिए कुछ और इंतजार करना होगा, लेकिन प्री-मॉनसून बारिश लोगों को गर्मी से राहत देती रहेगी.





