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बड़ी खबर
New Delhi. नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर कटघरे में खड़ा किया है. इस बार मुद्दा है पाकिस्तान के साथ सीजफायर और आतंकवाद पर भारत की नीति. राहुल गांधी ने सीधे तौर पर पीएम मोदी से पूछा कि उन्होंने पाकिस्तान की बातों पर कैसे भरोसा किया और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने भारत के हितों को क्यों नजरअंदाज किया.
मोदी जी, खोखले भाषण बंद कीजिए
मोदी जी, खोखले भाषण देना बंद कीजिए।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 22, 2025
सिर्फ इतना बताइए:
1. आतंकवाद पर आपने पाकिस्तान की बात पर भरोसा क्यों किया?
2. ट्रंप के सामने झुककर आपने भारत के हितों की कुर्बानी क्यों दी?
3. आपका ख़ून सिर्फ़ कैमरों के सामने ही क्यों गरम होता है?
आपने भारत के सम्मान से समझौता कर लिया! pic.twitter.com/HhjqbjDsaB
राहुल गांधी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री को घेरा. उन्होंने लिखा, "मोदी जी, खोखले भाषण देना बंद कीजिए. सिर्फ़ इतना बताइए, आतंकवाद पर आपने पाकिस्तान की बात पर भरोसा क्यों किया? ट्रंप के सामने झुककर आपने भारत के हितों की कुर्बानी क्यों दी?" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का जोश केवल कैमरे के सामने दिखता है, असल मुद्दों पर वह चुप्पी साध लेते हैं. राहुल गांधी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा और सम्मान से समझौता किया है. उनका कहना है कि पाकिस्तान के साथ युद्धविराम की घोषणा के पीछे सरकार की रणनीतिक चूक है, जिससे सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा मिल सकता है. राहुल ने यह भी पूछा कि आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार कैसे पाकिस्तान की गारंटी को स्वीकार कर सकती है. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बैठकों का हवाला देते हुए कहा कि उन बैठकों में भारत ने अपने रुख को मजबूत तरीके से नहीं रखा.
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव में आकर पाकिस्तान को लेकर नरम रुख अपनाया और भारत के आत्मसम्मान से समझौता किया. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश अब भाषणों से संतुष्ट नहीं है. जनता को सवालों के जवाब चाहिए. उन्होंने मोदी सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बार-बार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों को गोपनीयता की आड़ में छिपाती है, जबकि लोकतंत्र में जवाबदेही अनिवार्य है. राहुल गांधी के इस तीखे हमले पर अभी तक भारतीय जनता पार्टी की कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि, अतीत में भाजपा ऐसे हमलों को "राजनीतिक ड्रामा" और "गंभीर विषयों का राजनीतिकरण" करार देती रही है. अब यह देखना होगा कि भाजपा इस बार किस तरह जवाब देती है.
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