मोदी सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से जुड़े एक बड़े फैसले लिए

दिल्ली। भारत सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत के कार्यकारी निदेशक डॉ. कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं. ये निर्णय कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने 30 अप्रैल को जारी आदेश में लिया. आदेश में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत के कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत डॉ. कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन की सेवाओं को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने को मंजूरी दे दी है.
डॉ. सुब्रमण्यन को अगस्त 2022 में इस पद के लिए नामित किया गया था और उन्होंने 1 नवंबर 2022 को कार्यभार संभाला था. उनका तीन साल का कार्यकाल नवंबर 2025 तक तय था, लेकिन उन्होंने अब 6 महीने पहले ही पद से इस्तीफा दे दिया है. IMF की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन को 2 मई तक कार्यकारी निदेशक के पद पर थे. जबकि 3 मई से भारत, बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका का प्रतिनिधित्व करनी वाली इस सीट को खाली बताया गया है.
डॉ. सुब्रमण्यन की यह विदाई 9 मई को होने वाली IMF बोर्ड की अहम बैठक से कुछ दिन पहले हुई है, जिसमें पाकिस्तान को अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिए जाने की समीक्षा की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक भारत द्वारा आतंकवाद के वित्तपोषण पर चिंताओं का हवाला देते हुए बैठक में पाकिस्तान को अतिरिक्त वित्तीय सहायता का विरोध करने की संभावना है. दरअसल, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी.





