विधायक ने प्राइवेट कंपनी को लगाया चूना, गिरफ्तारी की तलवार लटकी

पश्चिम बंगाल। मुर्शिदाबाद जिले के नौदा से आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के विधायक हुमायूं कबीर एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। उन पर एक प्राइवेट कंपनी की जमीन पर अवैध रूप से मछली पालन और बिक्री करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि हुमायूं कबीर और उनके कुछ सहयोगियों ने एक निजी कंपनी के साथ हुए अनुबंध की अवधि समाप्त होने के बावजूद जबरन चंदरपुर बिल पर कब्जा जमा रखा है। यह करीब 280 बीघे में फैला है। यहां से सालाना लगभग करोड़ों रुपये की मछली बाजार में बेची जाती है। कंपनी का दावा है कि उनके साथ हुआ अनुबंध एक जुलाई 2025 को ही समाप्त हो गया था, लेकिन इसके बाद भी विधायक और उनके लोग गाली-गलौज और जबरदस्ती मछली पकड़ने और बेचने का काम जारी रखे हुए थे।
इन आरोपों का खंडन करते हुए हुमायूं कबीर ने बहरामपुर में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया। उन्होंने अपनी सफाई में दावा किया कि कंपनी के साथ उनका अनुबंध 2032-33 तक वैध है और उन्हें मछली पकड़ने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, "मेरे साथ कंपनी का अनुबंध 10 साल का था, जिसमें प्रत्येक तीन साल पर अतिरिक्त भुगतान की भी शर्त थी। कंपनी ने कभी मुझे अनुबंध भंग करने का कोई नोटिस नहीं दिया।"
हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन और केंद्रीय बलों ने जानबूझकर उनके खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, "आज सुबह शक्तिपुर थाने के कुछ अधिकारियों ने केंद्रीय बलों की मदद से चंदरपुर बिल से मेरे मछुआरों की पकड़ी गई लाखों रुपये की मछली को जबरन छीन लिया और उसे स्थानीय लोगों के बीच बांट दिया।"
विधायक ने इस विवाद के पीछे एक आंतरिक कलह का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नाजेम शेख नाम का एक व्यक्ति पहले उनके लिए मछली पकड़ने का काम देखता था। जब नाजेम ने मछली चोरी करना शुरू किया तो उसे हटा दिया गया। कबीर के अनुसार, वे वर्तमान में अपने परिवार के लोगों के माध्यम से ही सारा काम देख रहे हैं।





