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Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री जगत सिंह नेगी ने रविवार को राज्य में मॉनसून के दौरान हुई आपदा की स्थिति को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में आपदा से जुड़े मामले कम सामने आए हैं, हालांकि कई जिलों में बीच-बीच में भारी नुकसान हुआ है। मंत्री ने कहा कि बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य में सड़क संपर्क, पेयजल योजनाओं और बिजली आपूर्ति पर असर पड़ा है। कई स्थानों पर लोगों के मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि नुकसान हुआ है, लेकिन पिछले वर्षों की तुलना में स्थिति काफी बेहतर है।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को तैयार रखा गया है। राहत और बचाव कार्यों को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि सितंबर महीने में प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी घटनाओं में अब तक 63 लोगों की मौत हुई है। सरकार प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार काम कर रही है।
मंत्री ने सड़क व्यवस्था को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य में करीब 73 सड़कें बंद हैं। इनमें से कई सड़कों को समय-समय पर खोलने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था बहाल करना है। पेयजल योजनाओं को लेकर उन्होंने बताया कि वर्तमान में केवल दो पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। विभाग की ओर से इन्हें जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में हर साल मॉनसून के दौरान भूस्खलन, बादल फटने और भारी बारिश जैसी घटनाओं से नुकसान होता है। राज्य सरकार ने इस बार आपदा प्रबंधन को लेकर पहले से तैयारियां करने का दावा किया है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार की टीमें लगातार मैदान में काम कर रही हैं और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने लोगों से भी सतर्क रहने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।
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