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गैस सिलेंडर नहीं मिलने पर कई स्ट्रीट फूड की दुकानें बंद, छापेमारी का विरोध भी

Nilmani Pal
16 March 2026 6:52 AM IST
गैस सिलेंडर नहीं मिलने पर कई स्ट्रीट फूड की दुकानें बंद, छापेमारी का विरोध भी
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यूपी। लखनऊ समेत कई जिलों में एलपीजी गैस संकट का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। गैस वितरक एजेंसियों और गोदामों के बाहर घरेलू गैस के लिए कतारें लगी रहीं तो वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति न होने छोटे-मझोले उद्योग बंदी के कगार पर हैं। स्ट्रीट फूड की दुकानें बंद हो गई हैं। गैस आधारित उद्योगों पर संकट का असर साफ दिखने लगा है। घरेलू गैस सिलेंडर बुक कराने के चौथे-पांचवें दिन मिल रहा है। बुकिंग न होने से ज्यादा संकट है। गैस संकट के चलते कई एजेंसियों के बाहर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी खड़ी हो गई।

लखनऊ में गैस गोदामों, एजेंसियों पर कतारें देखी गई। पांच दिन से गैस बुक कराकर लोग घूम रहे हैं लेकिन सिलेंडर नहीं मिल रहा है। तमाम लोगों बुकिंग न होने से परेशान है। मोबाइल फोन से गैस बुक नहीं हो रही है। बुक हो जा रही है को कई दिन तक मिल नहीं रही है। उनको ज्यादा दिक्कत है जिनके पास केवल एक सिलेंडर है। करीब 250 छोटे उद्योग बंद हो गए है। स्ट्रीट फूड की 40 फीसदी ठेले नहीं लगे। खान-पान की वस्तुएं महंगी हो गई हैं। प्लास्टिक, पैकेजिंग तथा दवा उद्योग पर असर पड़ा है। ब्रज मंडल के परिषदीय स्कूलों में अब मिड डे मील बनने चूल्हों पर बनना शुरू हो गया है। स्ट्रीट वेंडरो के लिए ये समय सबसे ज्यादा मुसीबत वाला है। फिरोजाबाद में बंद होने वाले चूड़ी कारखानों की संख्या 90 से बढ़कर 112 पहुंच गई है। एटा कासगंज में भी गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतार लगी रही।

वाराणसी समेत पूर्वांचल में रविवार को भी हजारों उपभोक्ता गैस सिलेंडर की किल्लत से परेशान थे। औद्योगिक क्षेत्रों में गैस संकट के कारण 30 प्रतिशत तक उत्पादन ठप रहा। पैकेजिंग इकाइयों में गैस सिलेंडर न मिलने से एक सप्ताह से उत्पादन ठप है। रेलवे स्टेशनों पर बेस किचन, फूड प्लाजा और जन आहार को ठीक प्रकार से संचालित करने के लिए रेल प्रबंधन की ओर से जल्द सिलेंडर उपलब्ध कराने को कहा गया है। जौनपुर में एक एजेंसी पर तोड़फोड़ की कोशिश की गई तो बलिया में गैस गोदाम के मैनेजर पर तमंचा सटाकर जान से मारने की धमकी दी गई।

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