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करोड़ों की सरकारी जमीन बेचने वाला गिरफ्तार, मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा

Nil dhankar
9 July 2026 6:43 AM IST
करोड़ों की सरकारी जमीन बेचने वाला गिरफ्तार, मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा
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झारखंड। बहुचर्चित टेटुलिया वन भूमि घोटाले की जांच कर रही सीआईडी को बड़ी सफलता हाथ लगी है. सीआईडी ने करोड़ों रुपये की सरकारी वन भूमि पर कब्जा करने, उसे बेचने से जुड़े इस घोटाले के कथित मास्टरमाइंड शैलेश सिंह को पकड़ लिया है. शैलेश सिंह को झारखंड के पड़ोसी राज्य बिहार की राजधानी पटना से पकड़ा गया.

सीआईडी की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक 59 साल का शैलेश सिंह पटना का निवासी है. गिरफ्तारी के बाद शैलेश को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर सीआईडी की टीम झारखंड रवाना होगी. शैलेश ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले झारखंड हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट, दोनों ही कोर्ट ने शैलेश की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सीआईडी के एक अधिकारी ने कहा कि शैलेश की तलाश में सीआईडी के साथ ही पुलिस की भी विशेष टीमें लगी थीं. वह सीाईडी और पुलिस को चकमा देकर गिरफ्तारी से बचता आ रहा था. वन भूमि की बिक्री से जुड़ा यह मामला बोकारो के टेटुलिया इलाके में स्थित कोरोड़ों रुपये की सरकारी जमीन के फर्जी अधिग्रहण, भूमि अभिलेख में जालसाजी का है. इस मामले की जांच कर रही एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक वन विभाग और राजस्व विभाग की करीब 103 एकड़ जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी तक बनाई गई थी. शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस कंपनी की घोषित पूंजी अपनी स्थापना के समय 1 फरवरी 2021 को केवल दो लाख रुपये ही थी, लेकिन इसने कई करोड़ की जमीनें खरीद लीं.

सीआईडी इस मामले में पहले ही इजहार हुसैन और अख्तर हुसैन को गिरफ्तार कर चुकी है. इन दोनों पर भी जाली दस्तावेजों के जरिये सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप हैं. धोखाधड़ी के इस खेल में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो निदेशकों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है.


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