
वाराणसी। नाव पर इफ्तार पार्टी के बाद शराब पार्टी का वीडियो वायरल हुआ। वाराणसी पुलिस ने सफाई पेश की तो सोशल मीडिया पर पुलिस की चौतरफा घेरेबंदी शुरू हो गई। समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ ही एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने गंभीर सवाल खड़े किए तो पुलिस एक्शन में आ गई। शराब पार्टी में शामिल दो लोगों को गिऱफ्तार कर लिया है। अन्य की तलाश की बातें कहीं जा रही हैं। इससे पहले इफ्तार पार्टी करने वाले एक दर्जन से ज्यादा युवाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सभी अब भी जेल में ही हैं। इन पर एक के बाद एक कई केस दर्ज हो चुके हैं।
सोशल मीडिया पर सोमवार को एक मिनट 15 सेकंड का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में कुछ लोग गंगा के बीचों-बीच नाव पर डीजे की धुन पर नाचते-गाते दिख रहे थे, जबकि दूसरी नाव पर कुछ लोग शराब का सेवन कर रहे थे। पवित्र गंगा में इस तरह की हरकत से लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। सपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी के साथ ही एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने योगी सरकार और वाराणसी पुलिस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने 'एक्स' पूछा कि कुछ समय पहले नाव पर 'इफ्तार पार्टी' और बिरयानी खाने के आरोप में 14 मुस्लिम युवकों को जेल भेज दिया गया था, तो क्या अब शराब पीने वालों पर वैसी ही सख्ती होगी? ओवैसी ने सवाल किया, "क्या गंगा में शराब का सेवन जायज है? क्या इससे किसी की भावनाएं आहत नहीं होतीं? क्या सत्ताधारी पार्टी इस पर चुप्पी साधे रहेगी?" उन्होंने आरोप लगाया कि कानून का चश्मा मजहब देखकर बदल जाता है। मामवा राजनीतिक गलियारे में आते ही वाराणसी पुलिस बैकफुट पर आ गई।
डीसीपी गौरव बंसवाल ने वीडियो को संज्ञान में लेते हुए भेलूपुर एसीपी गौरव कुमार की निगरानी में पुलिस टीम गठित की। पुलिस ने मंगलवार को नगवा के नाव डेकोरेटर अर्जुन राजभर और पुराना रामनगर निवासी रवि उर्फ लाल साहनी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अर्जुन ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ अस्सी घाट से मिर्जापुर गया था और यह पार्टी उसी दौरान हुई थी। नाविक प्रेम साहनी की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।





