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Shimla. शिमला। हिमाचल सरकार को किसी पब्लिक यूटिलिटी, भवन, सडक़ या अन्य जनसुविधा को बनाने के लिए दी गई जमीन को अब वापस नहीं लिया जा सकेगा। यदि इस तरह का क्लेम किसी ने किया तो उसके खिलाफ अब सजा का प्रावधान किया जा रहा है। राज्य सरकार शुक्रवार को विधानसभा में एक नया बिल रख रही है, जिसका नाम है ‘हिमाचल प्रदेश लोक उपयोगिताओं के परिवर्तन का प्रतिषेध विधेयक 2025’। इसमें यह व्यवस्था की जा रही है कि सडक़, अस्पताल या अन्य पब्लिक यूटिलिटी के लिए किसी परिवार द्वारा दी गई जमीन पर यदि गिफ्ट डीड या अन्य प्रकार का एग्रीमेंट नहीं हुआ है, तो भी इसे वापस क्लेम नहीं किया जा सकेगा।
इस राज्य में लोक उपयोगिताओं में बाधा डालने के समान माना जाएगा। जिसके लिए छह महीने की सजा और 2000 से 10000 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया जा रहा है। शुक्रवार को विधानसभा में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर इस बिल को रखेंगे। इसके अलावा गुरुवार को तीन विधेयक सदन में रखे गए। इनमें उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया, जो कि जीएसटी से संबंधित है। शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधेयक और हिमाचल प्रदेश नगर निगम संशोधन विधेयक सदन में रखे, जो चुनाव प्रक्रिया में कुछ संशोधन को लेकर हैं। इन तीनों बिलों को शुक्रवार को पारित करने के लिए विधानसभा में लगाया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने गुरुवार को एक निजी विश्वविद्यालय से संबंधित बिल भी रखा जिसे वापस लेने का आग्रह किया गया।
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