किडनैपर का लास्ट लोकेशन मिला रेलवे टिकट काउंटर में, बच्ची सकुशल बरामद

यूपी। आगरा में ताजगंज क्षेत्र से चार वर्षीय बालिका का अपहरण करने वाले औरंगाबाद (महाराष्ट्र) के शोएब सुलेमान शेख की गिरफ्तारी इतनी आसान नहीं थी। अपहर्ता की एक चूक ने पुलिस को सुराग दिया। आरोपित अपहरण के बाद आगरा कैंट पहुंचा था। ऑनलाइन प्लेटफार्म टिकट खरीदा था। यह दृश्य कैमरे में कैद हुआ था। पुलिस ने रेलवे के सर्वर क्रिश से ऑनलाइन पेमेंट का डेटा लिया। आरोपित का मोबाइल नंबर मिल गया। पुलिस पीछे लग गई।
बुधवार की दोपहर गोल्डी का अपहरण हुआ था। आरोपित सीसीटीवी में कैद था। वह दूसरे समुदाय का था। इससे माहौल गर्मा गया था। थाने पर हंगामा हुआ था। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से आरोपित का पीछा शुरू किया था। आरोपित को दिल्ली जाना था। इसमें भी उसने दिमाग चलाया था सिर्फ प्लेटफार्म टिकट लिया। धौलपुर जाने वाली ट्रेन में बिना टिकट बैठा। धौलपुर से दूसरी ट्रेन पकड़कर दिल्ली पहुंचा।
सुभाष पैलेस पूर्वी दिल्ली में अंजू नाम की एक महिला के घर पहुंचा। अंजू ने एक निसंतान दंपत्ति से बच्चे के लिए शोएब की बात कराई थी। बच्ची का सौदा होता इससे पहले आगरा पुलिस दिल्ली पहुंच गई। बच्ची को बरामद कर लिया। शोएब के ही एक परिचित ने पकड़े जाने के भय से दिल्ली पुलिस को सूचना दे दी थी। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि बच्ची की सकुशल बरामदगी के लिए 100 पुलिस कर्मियों को लगाया गया था। रेलवे के सर्वर से पुलिस को अहम सुराग मिला। आरोपित ने ऑनलाइन भुगतान किया था। यूपीआई की डिटेल से आरोपित का मोबाइल नंबर, फोटो सहित कई जानकारियां मिल गई थीं। सर्विलांस टीम ने आरोपित की पूरी गूगल लोकेशन निकाल ली। आरोपित शोएब ने पुलिस को बताया कि उसे उम्मीद थी कि करीब दो लाख रुपये तक मिल जाएंगे। वह आगरा ताजमहल देखने रुका था। सड़क पर एक बच्ची अकेली मिली, वह बच्ची को लेकर एक दुकान पर पहुंचा। उसे चिप्स, बिस्कुट और पानी की बोतल दिलाई। बच्ची आराम से उसके साथ चलने लगी। वह ऑटो से आगरा कैंट पहुंचा। वहां से धौलपुर चला गया था।





