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Kerala Exit Poll 2026: UDF को स्पष्ट बहुमत के संकेत, LDF को बड़ा नुकसान

Shantanu Roy
29 April 2026 7:08 PM IST
Kerala Exit Poll 2026: UDF को स्पष्ट बहुमत के संकेत, LDF को बड़ा नुकसान
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New Delhi. नई दिल्ली। केरल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर जारी विभिन्न एग्जिट पोल में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सत्ता में वापसी के मजबूत संकेत सामने आए हैं। People’s Pulse और Matrize सहित कई सर्वेक्षणों के अनुसार UDF को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है, जबकि मौजूदा सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को नुकसान का अनुमान जताया गया है। People’s Pulse के अनुमान के अनुसार UDF को 75 से 85 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि LDF को 55 से 65 सीटों के बीच सीमित रहना पड़ सकता है। वहीं Matrize के आंकड़ों में UDF को 70 से 75 सीटें और LDF को 60 से 65 सीटें मिलने का अनुमान है। केरल विधानसभा में कुल 140 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 71 है, ऐसे में दोनों प्रमुख सर्वे UDF को बहुमत से ऊपर दिखा रहे हैं।
Axis My India के एग्जिट पोल ने UDF के लिए और अधिक मजबूत स्थिति का संकेत दिया है। इस सर्वे के अनुसार UDF को 78 से 90 सीटें मिलने का अनुमान है, जो सभी एजेंसियों में सबसे अधिक ऊपरी सीमा वाला आंकड़ा है। वहीं LDF को 49 से 62 सीटों तक सीमित रहने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भाजपा नेतृत्व वाले NDA या BJP+ को केवल 0 से 3 सीटों तक सीमित समर्थन मिलने का अनुमान है, जिससे उसका प्रभाव राज्य में बहुत कम दिखाई दे रहा है। तीनों प्रमुख सर्वे—People’s Pulse, Matrize और Axis My India—इस बात पर लगभग सहमत दिखाई देते हैं कि केरल में अगली सरकार UDF के नेतृत्व में बन सकती है। यह स्थिति राज्य की पारंपरिक राजनीतिक प्रवृत्ति के अनुरूप भी मानी जा रही है, जहां कांग्रेस और वामपंथी गठबंधन के बीच सत्ता परिवर्तन होता रहा है।
एग्जिट पोल के अनुसार यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो LDF को लगातार दूसरी बार सत्ता से बाहर होना पड़ेगा और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने की संभावना समाप्त हो जाएगी। यह वामपंथी गठबंधन के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। वहीं भाजपा नेतृत्व वाला NDA या BJP+ गठबंधन राज्य में प्रभावी स्थिति बनाने में असफल दिखाई दे रहा है। People’s Pulse ने उसे 0 से 3 सीटें और Matrize ने 3 से 5 सीटें दी हैं, जिससे स्पष्ट है कि केरल की राजनीति में भाजपा की पकड़ अभी भी सीमित बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केरल में इस बार का चुनाव मुख्य रूप से UDF और LDF के बीच सीधा मुकाबला रहा, जिसमें UDF को व्यापक समर्थन मिलता दिख रहा है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि सत्ता विरोधी लहर और स्थानीय मुद्दों ने चुनावी रुझानों को प्रभावित किया है। कुल मिलाकर एग्जिट पोल के आंकड़े केरल में सत्ता परिवर्तन की ओर संकेत कर रहे हैं, जहां UDF मजबूत बहुमत के साथ सरकार बनाने की स्थिति में नजर आ रहा है, जबकि LDF और NDA को सीमित सफलता मिलने का अनुमान है।
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