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Exit Polls Assam: NDA को बहुमत का अनुमान

Shantanu Roy
29 April 2026 6:41 PM IST
Exit Polls Assam: NDA को बहुमत का अनुमान
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New Delhi. नई दिल्ली। 29 अप्रैल 2026 को जारी एग्जिट पोल के अनुसार असम विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को मजबूत बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। विभिन्न एजेंसियों के सर्वे में एनडीए को स्पष्ट बढ़त दिखाई गई है, जिससे राज्य में एक बार फिर उसकी सरकार बनने की संभावना मानी जा रही है। एग्जिट पोल के प्रमुख आंकड़ों के अनुसार अधिकतर सर्वे में एनडीए को 80 से 100 सीटों के बीच मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के लिए पर्याप्त और मजबूत स्थिति को दर्शाता है। Axis My India के एग्जिट पोल में एनडीए को 88 से 100 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गई है, जबकि Matrize के अनुमान में एनडीए को 85 से 95 सीटों के बीच समर्थन मिलने की संभावना जताई गई है।
सभी प्रमुख सर्वेक्षणों में एनडीए को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है। इन एग्जिट पोल परिणामों के अनुसार विपक्षी दलों को सीमित सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है। हालांकि वास्तविक परिणाम मतगणना के दिन ही स्पष्ट होंगे, लेकिन फिलहाल के रुझान एनडीए के पक्ष में मजबूत जनसमर्थन की ओर संकेत कर रहे हैं। चुनाव विश्लेषकों के अनुसार यह रुझान सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और संगठनात्मक मजबूती का परिणाम माना जा रहा है। अंतिम परिणामों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, जो तय करेंगे कि असम में अगली सरकार किसकी बनेगी।
29 अप्रैल 2026 को जारी विभिन्न एग्जिट पोल में असम, केरल और अन्य राज्यों के चुनावी रुझानों को लेकर अहम संकेत सामने आए हैं। Axis My India के एग्जिट पोल के अनुसार असम में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनने की संभावना जताई गई है। सर्वे में NDA को 88 से 100 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस को 24 से 36 सीटों के बीच सीमित रहने की संभावना दिखाई गई है। इस अनुमान के अनुसार असम में भाजपा गठबंधन मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है और सरकार बनाने के लिए पर्याप्त बहुमत की ओर बढ़ता दिख रहा है।
वहीं केरल को लेकर Vote Vibe के एग्जिट पोल में बेहद करीबी मुकाबला सामने आया है। यहां यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को 70 से 80 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, जबकि वर्तमान में सत्ता पर काबिज लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को 58 से 68 सीटों के बीच समर्थन मिलने की संभावना है। इस मुकाबले ने केरल की राजनीति को और अधिक रोमांचक बना दिया है, जहां दोनों गठबंधनों के बीच सत्ता की टक्कर बेहद नजदीकी दिखाई दे रही है।
एग्जिट पोल के साथ-साथ मतदान के रुझानों में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। पांचों राज्यों में इस बार 3 से 12 प्रतिशत तक मतदान में वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले चुनावों की तुलना में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बढ़े हुए मतदान का प्रमुख कारण वोटर लिस्ट रिविजन (SIR) बताया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। इससे कुल मतदाता संख्या में कमी आई, लेकिन वास्तविक मतदान करने वाले लोगों की संख्या लगभग समान बनी रही, जिसके कारण मतदान प्रतिशत में वृद्धि दर्ज की गई।
इसके अलावा चुनावी रुझानों में महिलाओं की भागीदारी भी एक बड़ा फैक्टर बनकर सामने आया है। विभिन्न राज्यों में महिलाओं के लिए घोषित योजनाओं जैसे कैश सहायता, मुफ्त यात्रा और आरक्षण जैसे वादों ने महिला मतदाताओं को बड़ी संख्या में मतदान के लिए प्रेरित किया। आंकड़ों के अनुसार इस बार महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों की तुलना में कई राज्यों में अधिक रहा। बंगाल और तमिलनाडु में महिलाओं का मतदान पुरुषों से 2 प्रतिशत अधिक रहा, असम में यह अंतर 1 प्रतिशत, केरल में 5 प्रतिशत और पुडुचेरी में 3 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया।
विश्लेषकों का मानना है कि महिला मतदाताओं की यह सक्रिय भागीदारी चुनावी परिणामों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत और मतदाता सूची में सुधार ने इस चुनाव को पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी और अनिश्चित बना दिया है। कुल मिलाकर एग्जिट पोल के रुझान जहां असम में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की वापसी की ओर संकेत कर रहे हैं, वहीं केरल में सत्ता परिवर्तन की संभावना या कड़ा मुकाबला दिखाई दे रहा है। अंतिम परिणाम मतगणना के बाद ही स्पष्ट होंगे, लेकिन फिलहाल के आंकड़े राजनीतिक हलचल को तेज कर रहे हैं।
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