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जुपिटर इंटरनेशनल का मेगा एक्सपेंशन

Shantanu Roy
26 Jun 2026 4:49 PM IST
जुपिटर इंटरनेशनल का मेगा एक्सपेंशन
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Baddi. बद्दी। हिमाचल प्रदेश का औद्योगिक नगर बद्दी स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि का साक्षी बना है। देश की अग्रणी सोलर सेल निर्माता कंपनी जुपिटर इंटरनेशनल लिमिटेड ने अपने बद्दी स्थित विनिर्माण परिसर में 1.25 गीगावॉट क्षमता वाली टनल ऑक्साइड पैसिवेटेड कॉन्टैक्ट (टॉपकॉन) सौर सेल निर्माण इकाई (यूनिट-4) का विधिवत शुभारंभ कर दिया है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन के साथ नई उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया गया, जिसके बाद अत्याधुनिक मशीनों की परीक्षण एवं ट्रायल प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई। कंपनी का लक्ष्य सभी तकनीकी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद अगले एक से डेढ़ माह में इस इकाई से व्यावसायिक उत्पादन शुरू करना है।
नई इकाई के शुरू होने से कंपनी उच्च दक्षता वाली अगली पीढ़ी की सौर तकनीक के क्षेत्र में अपनी उत्पादन क्षमता को और मजबूत करेगी। वर्तमान में इंजीनियरों की टीम मशीनों की कैलिब्रेशन, उत्पादन प्रक्रियाओं की जांच तथा गुणवत्ता मानकों का परीक्षण कर रही है, ताकि व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने से पहले प्रत्येक तकनीकी प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जा सके। टॉपकॉन तकनीक को वर्तमान समय में सौर सेल निर्माण की सबसे उन्नत तकनीकों में माना जाता है। यह पारंपरिक तकनीकों की तुलना में अधिक ऊर्जा दक्षता, बेहतर विद्युत उत्पादन तथा लंबे समय तक विश्वसनीय प्रदर्शन प्रदान करती है। दुनिया भर में उच्च दक्षता वाले सौर उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी का यह विस्तार रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कंपनी ने इसी वर्ष बद्दी परिसर में अपनी तीसरी सौर सेल निर्माण इकाई शुरू कर एक गीगावॉट मोनो पीईआरसी उत्पादन क्षमता जोड़ी थी। अब यूनिट-4 के जुड़ने से कंपनी न केवल अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही है, बल्कि अत्याधुनिक सौर प्रौद्योगिकी आधारित विनिर्माण की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ध्रुव शर्मा ने कहा कि बद्दी स्थित यूनिट-4 कंपनी की तकनीकी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि 1.25 गीगावॉट टॉपकॉन क्षमता कंपनी को अगली पीढ़ी की सौर सेल तकनीक को बड़े स्तर पर विकसित करने में सक्षम बनाएगी, जिससे दक्षता और दीर्घकालिक प्रदर्शन के नए मानक स्थापित होंगे। उन्होंने बताया कि कंपनी विनिर्माण उत्कृष्टता, पर्यावरणीय स्थिरता तथा उच्च कौशल आधारित रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी तकनीकी आधार पर कंपनी वर्ष के अंत तक नागपुर में तीन गीगावॉट क्षमता वाली उन्नत टॉपकॉन प्लस-प्लस सौर सेल निर्माण इकाई स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रही है।
कंपनी के अनुसार यूनिट-4 को गुणवत्ता सर्वोपरि और स्थिरता केंद्रित विनिर्माण प्रणाली के अनुरूप विकसित किया गया है। इसमें उन्नत प्रक्रिया नियंत्रण, आधुनिक स्वचालित उत्पादन तंत्र तथा निरंतर उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाली नवीनतम तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे उत्पादन की विश्वसनीयता और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा। इस विस्तार से हिमाचल प्रदेश, विशेषकर बद्दी औद्योगिक क्षेत्र में हरित रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उत्पादन, प्रक्रिया अभियांत्रिकी, स्वचालन, गुणवत्ता नियंत्रण, रखरखाव तथा पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध होंगे। कंपनी इन पदों के लिए संरचित प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रम भी संचालित करेगी, जिससे स्थानीय युवाओं को आधुनिक सौर विनिर्माण तकनीकों में दक्ष बनने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जुपिटर इंटरनेशनल का यह निवेश न केवल बद्दी को देश के उभरते सौर विनिर्माण केंद्र के रूप में नई पहचान देगा, बल्कि हिमाचल प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा आधारित औद्योगिक विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही यह भारत के आत्मनिर्भर सौर विनिर्माण अभियान तथा हरित ऊर्जा के राष्ट्रीय लक्ष्य को नई गति प्रदान करेगा।
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