भारत
ED को झटका मुख्यमंत्री को बड़ी राहत मिली...कौन हैं जज? सुर्खियों में आईं
jantaserishta.com
22 Jun 2024 9:28 AM IST

x
वह सिविल और क्रिमिनट दोनों तरह के कानूनों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को शराब नीति घोटाले में कथित धन शोधन मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल की रिहाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। आपको बता दें कि उन्हें निचली अदालत से जमानत मिली थी। राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल जज न्याय बिंदु ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत दी थी।
केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर साउथ ग्रुप से 100 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। यह राजनेताओं, व्यापारियों और अन्य लोगों का एक समूह है। लाइसेंसधारियों के पक्ष में दिल्ली शराब नीति में हेराफेरी के आरोप भी लगाए गए हैं। यह भी आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव प्रचार में किया गया था।
न्याय बिंदु ने दिल्ली उत्तर पश्चिम जिले के रोहिणी कोर्ट में सीनियर स्पेशल जज के रूप में काम किया है। उन्होंने द्वारका कोर्ट में भी यही जिम्मेदारी संभाली है। वह सिविल और क्रिमिनट दोनों तरह के कानूनों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।
केजरीवाल को जमानत देते हुए उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया में उनका अपराध अभी तक स्थापित नहीं हुआ है। यह संभव हो सकता है कि आवेदक के कुछ परिचित व्यक्ति किसी अपराध में शामिल हों, लेकिन ईडी अपराध की आय के संबंध में आवेदक के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत देने में विफल रहा है। उन्होंने केजरीवाल के इस दावे पर ईडी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया कि उन्हें कथित आबकारी घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीबीआई की एफआईआर या एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी द्वारा दर्ज ईसीआईआर में नाम दर्ज किए बिना गिरफ्तार किया गया था।
जज ने अपने फैसले में कह, “यह भी ध्यान देने योग्य है कि ईडी इस तथ्य के बारे में चुप है कि गोवा में विधानसभा चुनावों में AAP द्वारा अपराध की आय का उपयोग कैसे किया गया है। दो साल बीत जाने के बाद भी कथित राशि का बड़ा हिस्सा पता लगाना बाकी है।” जज ने कहा कि ईडी यह स्पष्ट करने में विफल रहा है कि पूरे पैसे के निशान का पता लगाने में उसे कितना समय लगेगा।
उन्होंने आगे लिखा, “इसका मतलब यह है कि जब तक ईडी द्वारा शेष राशि का पता लगाने की यह कवायद पूरी नहीं हो जाती, तब तक आरोपी को सलाखों के पीछे रहना चाहिए, वह भी उसके खिलाफ उचित सबूतों के बिना। यह भी ईडी का स्वीकार्य तर्क नहीं है।”
Tagsप्रवर्तन निदेशालयईडीदिल्ली हाईकोर्टजज न्याय बिंदुन्याय बिंदुEnforcement DirectorateEDDelhi High CourtJudge nyay bindunyay bindu
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





