भारत

गोली चलाने पर 4 घंटे के भीतर शांत हो जाती जंतर-मंतर, RSS कार्यकर्ता का विवादित बयान

Nil dhankar
28 July 2026 7:10 AM IST
गोली चलाने पर 4 घंटे के भीतर शांत हो जाती जंतर-मंतर, RSS कार्यकर्ता का विवादित बयान
x
पढ़े पूरी खबर

केरल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े टीजी मोहनदास की विवादित टिप्पणी को लेकर सियासी बवाल खड़ा हो गया है. मोहनदास ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों को लेकर कहा कि अगर आंदोलन को संभालने की जिम्मेदारी उनके पास होती, तो वह सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दे देते.

एक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो में टीजी मोहनदास ने कहा कि जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में पहले कर्फ्यू लगाया जाता. इसके बाद प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर होने के लिए तीन बार चेतावनी देते और यदि वे इनकार करते, तो उन्हें गोली मारने का आदेश दे देते. मोहनदास ने कहा, 'लोग इधर-उधर भागेंगे. कुछ मरेंगे, कुछ बचेंगे, तो कुछ गंभीर रूप से घायल होंगे. चार घंटे के भीतर स्थिति शांत हो जाएगी. हम शवों को इकट्ठा करेंगे और अस्पताल ले जाएंगे.' मोहनदास के बयान पर संघ ने दूरी बना ली है. संघ के दक्षिण केरलम सह प्रांत कार्यवाह के बी श्रीकुमार ने बयान जारी करते हुए कहा, 'टी जी मोहनदास द्वारा हाल ही के आंदोलन ( प्रोटेस्ट) पर दिया गया वक्तव्य उनके निजी विचार हैं. वो संघ में किसी भी स्तर पर कोई दायित्ववान कार्यकर्ता नहीं है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उनके इन विचारों से न केवल असहमत हैं बल्कि मानता है की ऐसे विचारों की हर प्रकार से भर्त्सना की जानी चाहिए.'

टीजी मोहनदास ने अपनी बात यहीं खत्म नहीं की. उन्होंने आंदोलन में शामिल महिला प्रदर्शनकारियों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की. उन्होंने कथित तौर पर महिला प्रदर्शनकारियों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं होंगी और कोई शिकायत नहीं करेगा. उन्होंने इस टिप्पणी में वामपंथी और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा से जुड़े लोगों को भी निशाना बनाया.

मोहनदास की इन टिप्पणियों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी व्यापक आलोचना हो रही है. कई लोगों ने उन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा भड़काने और महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. टीजी मोहनदास केरल के लेखक, स्तंभकार और राजनीतिक टिप्पणीकार हैं. उनका संबंध RSS और बीजेपी से रहा है. पेशे से इंजीनियर और वकील रहे मोहनदास पत्रकारिता, टेलीविजन प्रस्तोता और राजनीतिक टिप्पणीकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं. वह बीजेपी के इंटेलेक्चुअल सेल के राज्य संयोजक रह चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने RSS से जुड़े भारतीय विचार केंद्र में भी नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली है. साल 2012 में RSS से जुड़े साप्ताहिक 'केसरी' में प्रकाशित एक लेख को लेकर भी वह चर्चा में आए थे. इस लेख में बीजेपी और CPI(M) के बीच राजनीतिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया था, जिस पर दोनों दलों से जुड़े हलकों में बहस छिड़ गई थी.

Next Story