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बिलासपुर में अध्यक्ष पद पर जमना देवी और उपाध्यक्ष पद पर नरेंद्र पंडित की ताजपोशी

Shantanu Roy
17 Jun 2026 4:29 PM IST
बिलासपुर में अध्यक्ष पद पर जमना देवी और उपाध्यक्ष पद पर नरेंद्र पंडित की ताजपोशी
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Bilaspur. बिलासपुर। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के गृह विधानसभा क्षेत्र बिलासपुर सदर में भाजपा ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत साबित कर दी है। नगर परिषद बिलासपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की निर्विरोध ताजपोशी ने यह संकेत दे दिया है कि शहर की स्थानीय राजनीति में भगवा खेमे का प्रभाव अभी भी कायम है। मंगलवार को एसडीएम डॉ. राजदीप सिंह की अध्यक्षता में नगर परिषद कार्यालय में आयोजित चुनाव प्रक्रिया में वार्ड-2 की पार्षद जमना देवी को सर्वसम्मति से अध्यक्ष और वार्ड-5 के पार्षद नरेंद्र पंडित को उपाध्यक्ष चुन लिया गया। चुनाव के बाद भाजपा समर्थकों ने इसे स्थानीय स्तर पर पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और जनाधार की मुहर के रूप में पेश किया। बिलासपुर नगर परिषद की 11 सदस्यीय सदन में भाजपा समर्थित 9 पार्षदों की जीत ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की तस्वीर पहले ही साफ कर दी थी। भाजपा ने इस चुनाव में न केवल अपना पुराना प्रभाव बरकरार रखा, बल्कि पिछली बार के मुकाबले अपनी स्थिति को और मजबूत किया। पिछली नगर परिषद में भाजपा समर्थित 7 पार्षद थे, जबकि इस बार यह आंकड़ा बढक़र 9 तक
पहुंच गया।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में यह परिणाम बिलासपुर सदर में भाजपा की जमीनी रणनीति, बूथ स्तर के प्रबंधन और विधायक त्रिलोक जमवाल के नेतृत्व की परीक्षा में सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा समर्थित पार्षदों की बड़ी संख्या ने नगर परिषद में पार्टी को निर्णायक बढ़त दिलाई। वार्ड-1 से नरेश कुमारी, वार्ड-2 से जमना देवी, वार्ड-4 से पूजा दास, वार्ड-5 से नरेंद्र पंडित, वार्ड-6 से मीना, वार्ड-7 से वंदना गौतम, वार्ड-8 से अनिल हैप्पी, वार्ड-9 से अजय चंदेल और वार्ड-11 से मुकेश भाटिया की जीत ने पार्टी के समीकरण मजबूत किए। अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने के चलते वार्ड-2 से विजयी जमना देवी का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में माना जा रहा था। हालांकि वार्ड-1 की नरेश कुमारी का नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा में रहा, लेकिन अंतिम समय में जमना देवी के नाम पर सहमति बन गई। उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी नरेंद्र पंडित को सौंपना भी राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। व्यापार मंडल से जुड़े होने के कारण नरेंद्र पंडित की शहर के कारोबारी वर्ग में अच्छी पकड़ मानी जाती है। इससे भाजपा ने नगर परिषद में राजनीतिक और व्यापारिक समीकरणों के संतुलन का संदेश देने की कोशिश की है। फिलहाल बिलासपुर नगर परिषद में भाजपा का कमल लगातार दूसरी बार खिला है और केंद्रीय स्वास्थ्या मंत्री और पूर्व भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के पुराने सियासी गढ़ में पार्टी ने मजबूत उपस्थिति का संदेश दे दिया है।
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