
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि हमारे देश के पायलट कड़ी मेहनत, लगन और पढ़ाई करते हैं, फिर उन्हें पहचान मिलती है। हालांकि, यह भी बताया जा रहा है कि विमान के मालिकाना हक वाली कंपनी ने एक खास स्विच में समस्या का बार-बार जिक्र किया। आरोप है कि जानकारी होने के बावजूद उन्होंने निगरानी और उसे ठीक करने की अनदेखी की, लेकिन ऐसा लगता है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण इस हादसे में मारे गए दो पायलटों पर सारी जिम्मेदारी डालकर खुद को जिम्मेदारी से मुक्त करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सारा दोष और जिम्मेदारी पायलटों के कंधों पर डाल दी जा रही है, इसकी उचित जांच होनी चाहिए। विमान कंपनी बोइंग और बड़ी कंपनियों के सभी विशेषज्ञों को बुलाकर और सारी जानकारी का विश्लेषण करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाना चाहिए। हालांकि, मुझे नहीं लगता कि इन दो पायलटों को दोषी ठहराना और खुद को बचाना उचित है।
बता दें कि शुरुआती जांच की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया का विमान टेकऑफ करने के 32 सेकेंड बाद ही आग का गोला बन गया। अब जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों इंजन बंद हो गए थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ। इस विमान हादसे में करीब 270 यात्रियों की मौत हो गई थी, जिनमें दोनों पायलट शामिल थे।





