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Hospice. धर्मशाला। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में नारी शक्ति की एक ऐसी तस्वीर हम आपको दिखाने जा रहे हैं, जिनकी ममता व हौंसलों को देखकर आप भी खुद को उनको नमन करने से नहीं रोक पाएंगे। धर्मशाला के कचहरी केसीसीबी मुख्य कार्यालय के पास महिला मधुबाला पिछले पांच साल से ठाकुर ढाबा चला रही हैं। हालांकि ढाबा पिछले 30 साल से चल रहा है, लेकिन पांच वर्ष पहले उनके पति मोहिन्दर की मृत्यु होने के बाद से खुद ही ढाबे का जिम्मा संभाल रही हैं। जिसमें जिला मुख्यालय में पहुंचने वाले लोगों को पर्यटकों को घर जैसा लजीज खाना खुद बनाकर खिला रही हैं।
एजुकेशन हब धर्मशाला में मधुवाला आंटी के बनाए खाने के लिए छात्र विशेष रूप से पहुंचते हैं और घर जैसे खाने का किफायती दामों में लुफ्त उठाते हैं। इसके साथ ही कचहरी हनुमान मंदिर व सचिवालय चौंक आरटीओ कार्यालय के ठीक पास अभय टी-स्टाल व ढाबा चलाने वाली पुष्पा पिछले आठ साल से खुद लोगों को खाना परोस रही हैं। पुष्पा कहती हैं कि उनके पति की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। उक्त दोनों महिलाओं के जज्बे व हौंसलो को देख हर कोई आश्चर्यचकित रह जाता है।
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Shantanu Roy
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