पत्नी की मदद करने वाले को पति ने मार डाला, दोस्त से चलवाई थी गोली

पंजाब। मोगा जिले के बाघापुराना में 6 मार्च को गांव पत्तो हीरा सिंह के सरपंच हरविंदर सिंह उर्फ हैप्पी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हमलावर फॉर्च्यूनर में सवार होकर आए थे, जिन्होंने भरे बाजार दिनदहाड़े गोली चलाई थी. सरपंच की हत्या के बाद रूपिंदर कौर नाम की महिला ने मीडिया के सामने कुछ बयानों में कहा था कि सरपंच हरविंदर सिंह हैप्पी उनकी मदद करते थे, जिस कारण उसके पति और परिवार वालों ने ही हैप्पी की हत्या कर दी.
मृतक के पिता ने कहा था कि उनका बेटा गांव जेमल वाला की एक लड़की की मदद करता था, जिसके चलते उसके पति और परिवार ने बेटे की हत्या करवा दी. बाघापुराना पुलिस ने मृतक सरपंच के पिता के बयान के आधार पर रूपिंदर कौर के पति मनप्रीत सिंह उर्फ बबलू, जोबनप्रीत सिंह, जसवंत सिंह, जसकरण सिंह उर्फ जासू और 6-7 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था.
सरपंच की हत्या के बाद चारों आरोपी जम्मू-कश्मीर भाग गए थे. पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उनकी तलाश शुरू की. आखिरकार चारों आरोपी जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार कर लिए गए, इसके बाद उन्हें मोगा पुलिस के हवाले कर दिया गया. इस मामले में बाघापुराना के डीएसपी दलबीर सिंह ने बताया कि मोगा पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी मनप्रीत सिंह उर्फ बबलू की पहचान कर ली थी, जबकि बाकी तीन आरोपियों की पहचान बाद में हुई.
जांच में सामने आया कि चारों आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए गांव राउके कलां से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी किराए पर ली थी. हत्या के बाद उन्होंने वह गाड़ी एक गांव में अपने किसी रिश्तेदार के घर के बाहर छोड़ दी. खुद दूसरी गाड़ी में सवार होकर जम्मू-कश्मीर की तरफ फरार हो गए. मोगा पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल फॉर्च्यूनर गाड़ी को बरामद कर लिया. इसके बाद टेक्निकल टीम और मोगा सीआईए स्टाफ ने आरोपियों का पीछा किया.
इस दौरान चारों आरोपी जम्मू-कश्मीर के लद्दाख इलाके में अपनी गाड़ी खराब होने के कारण रुक गए, जहां जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मनप्रीत सिंह उर्फ बबलू, योगेश शर्मा, हरविंदर सिंह उर्फ हिन्दा और जसनप्रीत सिंह उर्फ जस्सा के रूप में हुई है.





