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हथियार सप्लाई मामले में हिस्ट्रीशीटर ने किया सरेंडर, हिंसक बवाल की साजिश में था संलिप्त

Nil dhankar
9 March 2026 7:05 AM IST
हथियार सप्लाई मामले में हिस्ट्रीशीटर ने किया सरेंडर, हिंसक बवाल की साजिश में था संलिप्त
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यूपी। बरेली जिले में हुए हिंसक बवाल और पुलिस पर फायरिंग के मामले में जांच कर रही टीमों के दबाव का बड़ा असर दिखा है। बवाल के दौरान दंगाइयों को अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सरगना और हिस्ट्रीशीटर इशरत अली ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। इशरत अली का कनेक्शन सीधे तौर पर इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के करीबियों से जुड़ रहा है, जिससे इस पूरे बवाल के पीछे एक सुनियोजित साजिश की बू आ रही है।


पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि हिस्ट्रीशीटर इशरत अली, मौलाना तौकीर रजा के बेहद खास माने जाने वाले फरहत अली का सगा भाई है। फरहत अली वही व्यक्ति है जिसने बवाल के बाद मौलाना को अपने घर 'फाइक इंक्लेव' में शरण दी थी और वह मौलाना के साथ जेल भी जा चुका है। बहेड़ी पुलिस ने हाल ही में असलाह सप्लायर तस्लीम और सोमू खान उर्फ औशाफ को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से भारी मात्रा में विदेशी पिस्टल और कारतूस बरामद हुए थे। इन आरोपियों ने कबूल किया कि उनके गैंग का असली आका इशरत अली है। उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि इशरत ने ही 26 सितंबर 2025 को हुए बरेली बवाल के लिए हथियारों की बड़ी खेप भेजी थी, जिसकी डिलीवरी झुमका चौराहे के पास दी गई थी।

इशरत अली के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और गोकशी समेत कुल नौ गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस बवाल में हथियारों की सप्लाई का ठोस सबूत मिलने के बाद उस पर भारी इनाम घोषित करने की तैयारी कर रही थी। लेकिन शातिर अपराधी इशरत ने पुलिस की घेराबंदी को भांपते हुए हाफिजगंज के एक पुराने मुकदमे में अपनी जमानत तुड़वा ली और चुपचाप कोर्ट पहुँचकर जेल चला गया। इस पैंतरे से उसने न केवल एनकाउंटर के डर को टाला, बल्कि पुलिस की तत्काल गिरफ्तारी से भी बच गया।

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