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Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की 36वीं कोर्ट बैठक मंगलवार को विश्वविद्यालय समिति कक्ष में प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति कविंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। विश्वविद्यालय कोर्ट विश्वविद्यालय का सर्वोच्च वैधानिक निकाय है। बैठक में विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट 2023-2024 और वार्षिक लेखा परीक्षण यानी एनुअल ऑडिट रिपोर्ट 2019-2020 को समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। 2020 की ऑडिट रिपोर्ट देखने के बाद राज्यपाल ने लंबित ऑडिट पैरा जल्द सेटल करने को कहा। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने भी अतिरिक्त सीए हायर कर ऑडिट का काम पूरा करने का परामर्श दिया। बैठक में विवि के शैक्षणिक, प्रशासनिक, वित्तीय एवं विकासात्मक कार्यों से जुड़े विभिन्न महत्त्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
विश्वविद्यालय के समग्र विकास एवं गुणवत्ता संवर्धन के लिए आवश्यक सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं, राज्यपाल ने कोर्ट बैठक को नियमित तौर पर आयोजित करने और हर तीन माह में बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक को एक गांव को गोद लेना चाहिए और उन्हेें पर्यावरण संरक्षण, आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। बैठक में विधायक सुरेश कुमार को सर्वसम्मति से कार्यकारी परिषद का सदस्य निर्वाचित किया गया। बैठक में विधायक हरीष जनार्था, सुरेश कुमार और चंद्र शेखर ने भी अपने सुझाव दिए।
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