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शिमला। एचआरटीसी बसों में रियायती दरों पर सफर करने वाली 28 श्रेणियों के लिए बनाए जा रहे हिम बस कार्ड अब निगम को नई पॉलिसी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। अब तक प्रदेश भर में 25237 यात्रियों ने हिम बस कार्ड बना लिए हैं। इसमें तीन हजार दिव्यांग भी शामिल हैं। इसे हिम परिवार ऐप से जोड़ा गया है, ताकि किसी तरह का फर्जीवाड़ा न हो सके। रियायती दरों पर सफर करने वाली सभी श्रेणियों के लिए हिम एक्सेस पोर्टल पर यह कार्ड बनाए जा रहे हैं। कार्ड धारक सभी श्रेणियों को हिम बस कार्ड के माध्यम से न केवल सफर करने में आसानी होगी बल्कि उन्हें भविष्य में इस कार्ड को बनाने के लिए लाइन में लगने की भी जरूरत नहीं है। ऑनलाइन और ऑफलाइन इन दोनों माध्यमों से यह कार्ड बनाए जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने इन सभी श्रेणियों को यह सुविधा ना केवल उन्हें आरामदायक सफर सुविधा देने के लिए प्रदान की है, बल्कि इस कार्ड के माध्यम से निगम की बसों में कौन कितना सफर कर रहा है इसकी जानकारी भी प्राप्त हो रही है। नि:शुल्क और रियायती यात्रा करने वालों के लिए भी यह कार्ड बनवाना अब अनिवार्य किया गया है, जिसका कारण यह है कि इससे पास के नाम फ्रॉड भी नहीं हो सकेगा और केवल जिस स्टेशन तक का पास बनाया गया है रियायती दरों पर यात्री उतना ही सफर कर सकेंगे। हिम बस कार्ड बनाने के लिए पहले वर्ष 200 रुपए चुकाने होंगे। जीएसटी के साथ 236 रुपए चुकाने होंगे इससे पहले यह व्यवस्था नहीं थी। इसकी वैधता एक वर्ष की होगी। दूसरे वर्ष फिर 150 रुपए में रिन्यू होगा। यदि कोई इसकी होम डिलीवरी चाहता है, तो डाक के जरिए घर तक भी कार्ड पहुंच जाएगा। इसके 42 रुपए अतिरिक्त देने होंगे।
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