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Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला को चेतावनी दी है कि वे भविष्य में अदालती मामलों से निपटने में सावधानी बरतें। कोर्ट के आदेशानुसार एसडीएम विकास शुक्ला व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए। उक्त अधिकारी ने हलफनामे के माध्यम से अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने के लिए बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने उस आदेश को भी वापस ले लिया है, जिसके बारे में कहा गया था कि वह उच्च न्यायालय के फैसले का उल्लंघन करते हुए पारित किया गया था। हलफनामे में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि के हाई कोर्ट के अधिकार की अवज्ञा या उसे कम करने का उसका कोई इरादा नहीं था। हालांकि उल्लंघन, यदि कोई हो पूरी तरह से अनजाने में था और अदालत के आदेश के दायरे और निहितार्थ की व्याख्या करने में सद्भावनापूर्ण त्रुटि का परिणाम था।
एसडीएम ने यह भी कहा कि फैसले के अनुसार, जिसके तहत उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया था कि उत्तम राम को जांच पूरी होने तक एसडीएम के किसी हस्तक्षेप के बिना देवता आदि ब्रह्मा के कारदार के कत्र्तव्यों का निर्वहन जारी रखने और देवता की पूजा करने की अनुमति दी जाए। उत्तम राम को देवता आदि ब्रह्मा की पूजा करने की अनुमति दी गई है और केवल जीत राम को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे जांच पूरी होने तक या रिट याचिका में उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश तक उपरोक्त नामित उत्तम राम द्वारा की जा रही पूजा में हस्तक्षेप न करें। इन तथ्यों पर विचार करने के बाद न्यायाधीश संदीप शर्मा ने पाया कि एसडीएम द्वारा पारित आदेश उच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है।
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