फंदा बना नहीं सकता, पेशाब किया था, बेटे की लाश देख पिता ने जताई हत्या की आशंका

यूपी। स्कूल में टीचर ने चांदी की चेन उतरवा ली तो छठवीं में पढ़ने वाले 11 वर्षीय छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। छात्र को वह चेन बर्थडे पर उसके पापा ने दी थी। घटना के वक्त मां पढ़ाने के लिए स्कूल गई थीं, जबकि पिता काम से बाहर गए हुए थे। खाने के लिए दादी कमरे में पहुंची तो गेट के कुंडे में चुनरी के सहारे फंदे पर पौत्र का शव लटका दिखा। चीखते हुए वह बाहर आईं। परिजन और पड़ोसी बच्चे को हैलट ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक बच्चा चांदी की चेन पहन कर गया था, जिसे टीचर ने उतरवा लिया था।
कानपुर की दादानगर कॉलोनी निवासी चार भाइयों में सबसे बड़े ऋषि शर्मा नमकीन बनाने वाली कंपनी में ट्रेडिंग का काम करते हैं। पत्नी पूजा गोविंदनगर स्थित प्राइवेट विद्यालय में शिक्षिका हैं। दोनों का इकलौता बेटा 11 वर्षीय स्वास्तिक पास स्थित श्रीमुनि इंटर कॉलेज में पढ़ता था। ऋषि के तीन भाई कृष्णा, सागर, सुकांत और उनकी मां घर के सामने ही दूसरे मकान में रहते हैं। सुकांत के मुताबिक स्वास्तिक को वह स्कूल से रोज लेने जाते थे। मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे स्कूल पहुंचे तो टीचर ने शिकायत करते हुए कहा कि स्वास्तिक चांदी की चेन पहनकर स्कूल आया है, आज चेन यूनिफॉर्म से बाहर निकालकर घूम रहा था। बच्चों की शिकायत पर चेन जब्त कर ली है। मां के आने पर ही चेन लौटाने की बात कही। स्वास्तिक से बाइक पर बैठने को कहा तो उसने दोस्तों संग घर आने की बात कही। इस पर सुकांत लौट आए। बच्चे की दादी का कहना है कि स्कूल से लौट कर आने के बाद स्वास्तिक यूनिफॉर्म उतार कर उनके घर खाना खाने आता था। पौन घंटे बाद भी घर नहीं आया तो वह उसके कमरे पर पहुंची। अंदर के कमरे का दरवाजा सटा हुआ था, खोला तो वह दरवाजे के कुंड से लटक रहा था। जिस समय बच्चे ने फांसी लगाई तो पिता इटावा गए हुए थे। बेटे के फांसी लगाने की सूचना मिली तो वह बदहवास हालत में घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि स्वास्तिक कई दिनों से चेन पहनने की जिद कर रहा था, इस पर उसे 27 मई को उसके जन्मदिन पर चांदी की चेन बनवा कर दी थी।
पिता ने कहा कि बच्चा दरवाजे के कुंडे से फांसी कैसे लगा सकता है, जबकि उसके पैर नीचे छू रहे थे, वह इतना छोटा है कि गला नहीं कस सकता। उसकी पेशाब भी छूट गई थी। उन्होंने गला दबा कर हत्या करने की आशंका जताई है।





