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राज्यपाल ने राष्ट्रीय संगोष्ठी में वैश्विक प्रचार-प्रसार पर दिया बल

Shantanu Roy
25 July 2026 4:43 PM IST
राज्यपाल ने राष्ट्रीय संगोष्ठी में वैश्विक प्रचार-प्रसार पर दिया बल
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Shimla. शिमला। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि 51 शक्तिपीठ केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय एकात्मता के सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने शक्तिपीठों के इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के वैज्ञानिक अध्ययन, व्यवस्थित प्रलेखन तथा वैश्विक स्तर पर उनके प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय, कटरा में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, श्री महाराजा रणबीर सिंह परिसर, जम्मू तथा श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित चतुर्दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शक्तिमीमांसा के उद्घाटन सत्र को
संबोधित कर रहे थे।


संगोष्ठी का विषय 51 शक्तिपीठ भारतीय विरासत के आध्यात्मिक स्तंभ था। राज्यपाल ने कहा कि शक्ति केवल आराधना का विषय नहीं, बल्कि सृजन, ज्ञान, करुणा, साहस और राष्ट्रचेतना की शाश्वत ऊर्जा है। गवर्नर ने कहा, हमारी विरासत केवल स्मारकों के संरक्षण से सुरक्षित नहीं होती, बल्कि उससे जुड़ी परंपराओं, ज्ञान और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवित रखने से सुरक्षित रहती है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से शक्तिपीठों का डिजिटल प्रलेखन और दस्तावेजीकरण समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शक्तिपीठ सदियों से भारत की सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करते आए हैं और ये केवल पूजा-अर्चना के स्थल नहीं, बल्कि भारतीय कला, स्थापत्य, साहित्य, संगीत और लोक परंपराओं के महत्त्वपूर्ण केंद्र भी हैं।
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