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सरकारी काम रोका, SDM-तहसीलदार से दुर्व्यवहार

Shantanu Roy
4 Jun 2025 4:00 PM IST
सरकारी काम रोका, SDM-तहसीलदार से दुर्व्यवहार
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Hospice. धर्मशाला। प्राचीन ऐतिहासिक अघंजर महादेव मंदिर खनियारा धर्मशाला में एक बार फिर बड़ा विवाद देखने को मिला है। विवाद ने आखिर में खतरनाक रुख इख्तियार कर लिया, जिसके बाद पुलिस बल व क्यूआर की टीम को मौके पर बुलाना पड़ा, जिसमें मंदिर में तैनात तीन बाबाओं संग कुल दस लोगों को हिरासत में लिया गया है। उक्त बाबा व लोगों की ओर से एडीबी के बने नए भवन का ताला तोड़ा गया है, साथ ही पर्यटन विभाग की ओर से तैनात केयर टेकर से भी मारपीट की गई है। एसडीएम-तहसीलदार को सरकारी कामकाज करने के दौरान रोकने व बदतमीजी करने का प्रयास किया गया है। इस दौरान ही बाबाओं व कमेटी में मंदिर को सरकारी नियंत्रण में लेने पर भी काफी बहसबाजी व गहमागहमी हो गई। मौके पर मौजूद एसडीएम धर्मशाला मोहित रतन ने कार्रवाई करते हुए अब मंदिर से अवैध रूप से साधुओं की ओर से लगाए गए अपने दान पात्र हटाने के निर्देश दिए हैं, जबकि उपायुक्त की ओर से गठित अंघजर महादेव मंदिर कमेटी के कमरे में बंद किए गए दान पात्र को मंदिरों में
रखवाया है।

जबकि अवैध दान पात्रों को सील कर दिया है। साथ ही अंघजर महादेव मंदिर को सरकारी नियत्रंण के लिए पहुंचने प्रोपोजल को लेकर भी आगामी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। सोमवार रात मंदिर में रहने वाले कुछ साधुओं व अन्य लोगों ने मिलकर एडीबी के नए भवन में ताले को तोडक़र अंदर प्रवेश कर लिया। मंगलवार को पहले से ही चल रहे विवाद के संबंध में एसडीएम व तहसीलदार धर्मशाला का राजस्व टीम के साथ दौरा निर्धारित था, जिसमें मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मंदिर व एडीबी भवन की स्थिति को देखा। जिसमें मंदिर में तैनात बाबाओं को पक्ष रखते हुए उन्हें मंदिर में जता रहे अधिकार के तहत जमीन उनके नाम होने को लेकर भी दस्तावेज जमा करवाने का मौका दिया गया, लेकिन दस्तावेज जमा करवाने की बजाय अधिकारियों से उलझ पड़े। अघंजर महादेव मंदिर कॅमेटी खनियारा धर्मशाला ने संयुक्त रूप से मंदिर को सरकारी नियंत्रण को लेकर मात्र कुछेक साधु विवाद खड़ा करने की बात कही है, जबकि उन्होंने मंदिर को सरकारी नियंत्रण में लेने की बात सरकार व प्रशासन से रखी है। ऐसे में मंदिर का सही संचालन किया जाना जरूरी है।
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