बैंक में गिरवी रखे सोना चोरी, शाखा प्रबंधक को पुलिस ने बनाया आरोपी

यूपी। एक तरफ जहां सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं। कुछ सालों में ही सोना कई गुना महंगा हो गया है। दूसरी तरफ लोगों की मेहनत की कमाई से बने सोने के आभूषण बैंक के अंदर से ही गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक पर भरोसा कर गिरवी रखा गया ग्राहकों का सोना बैंक ऑफ इंडिया भारौल शाखा से गायब हो गया है। मामला यूपी के फिरोजाबाद का है। बीते दिनों मामला प्रकाश में आने पर आंचलिक कार्यालय से गठित टीम ने जांच शुरू की है। अब बैंक शाखा प्रबंधक सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच टीम ने पाया कि सोने के 96 पैकेट गायब हैं। अभी तक बैंक प्रशासन ने सोने के कुल वजन या कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है।
थाना अरांव क्षेत्र के भारौल में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा है। पिछले दिनों आंचलिक कार्यालय को बैंक से खबर मिली कि बैंक में तैनात एक अधिकारी बीते कई दिनों से नहीं आ रहे हैं। इनके पास गोल्ड सेफ की चाबी है। इस पर आगरा जोनल कार्यालय से वरिष्ठ प्रबंधक सुरक्षा अंकित जानू एवं बैंक ऑफ इंडिया घिरोर शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक सुशील कुमार को 15 जून को भारौल में जांच के लिए भेजा गया। जांच के दौरान टीम ने बैंक के पैनल एडवोकेट शिवकुमार शर्मा को भी बुला लिया।
इस दौरान एक अन्य शाखा में रखी डुप्लीकेट चाबी को मंगाकर गोल्ड सेफ की जांच की तो इसमें ग्राहकों द्वारा गिरवी रखे सोने के 96 पैकेज गायब मिले। जांच टीम द्वारा जोनल कार्यालय को जांच प्रेषित की गई। सोने के 96 पैकेट गायब होने की खबर से बैंक प्रशासन में हड़कंप मच गया। ग्राहकों को भी जब इस मामले का पता चला तो खलबली मच गई। कई ग्राहकों ने अपने पुरखों के पुस्तैनी आभूषणों को बैंक में गिरवी रखकर लोन लिया है।
आनन-फानन में बैंक ऑफ इंडिया आगरा आंचलिक कार्यालय में मुख्य प्रबंधक आदित्य प्रताप सिंह ने बैंक से गैरहाजिर चल रहे क्रेडिट अधिकारी बासगांव पोस्ट राहिन बसेहर इटावा निवासी दिलीप कुमार, दूसरी चाबी रखने वाले स्टाफ अधिकारी नरेश कुमार निवासी रायपुरा राहपुरा करकौली सादाबाद हाथरस और शाखा प्रबंधक संदीप यादव के खिलाफ मुकदमा गबन का दर्ज कराया। थाना प्रभारी रिषी कुमार के अनुसार आंचलिक मुख्य प्रबंधक की तहरीर पर शाखा प्रबंधक समेत तीन अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।





