
यूपी। आगरा में सिद्धार्थ नगर, गोबर चौकी (ताजगंज) से मंगलवार की दोपहर से लापता आठ वर्षीय बालिका प्रज्ञा का शव बुधवार की रात किराएदार के कमरे में मौजूद सिल्वर कलर के ड्रम में रखा मिला। ड्रम को लाल कपड़े से बांधा गया था। भीड़ आक्रोशित हो गई और जाम लगा दिया। तोड़फोड़ और पथराव की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हुई लेकिन पुलिस ने इससे इनकार कर दिया।
सिद्धार्थ नगर निवासी दिनेश कुमार घर में ही जूता कारखाना चलाते हैं। मंगलवार की दोपहर उनकी बेटी प्रज्ञा घर के बाहर खेलते समय रहस्मय तरीके से लापता हो गई थी। बेटी के गायब होने पर परिजनेां ने पहले उसकी खुद तलाश की। जब सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी कैमरे खंगाले। कैमरों में बच्ची दो बार दिखी। एक बार गली से बाहर आते और दूसरी बार गली में ही जाते। यह देख पुलिस को यकीन हो गया कि बालिका गली के अंदर से ही गायब हुई है। अनहोनी की आशंका के चलते पुलिस की तीन टीमें बनाई गई। बुधवार देर शाम पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी हुई कि दिनेश कुमार के घर में एक किराएदार सुशील अपनी मां के साथ रहता है। पुलिस ने किराएदार के बारे में पूछा। वह गायब था। उसकी मां को भी किसी ने मंगलवार की शाम से नहीं देखा था। इस जानकारी पर पुलिस पहली मंजिल पर स्थित किराएदार के कमरे में गई। वहां एक आटे का ड्रम रखा था। पुलिस ने उसे खोलकर देखा तो होश उड़ गए। अंदर बालिका का शव था। पुलिस ने उसे कब्जे में लेने का प्रयास किया तो लोग भड़क गए। पहले हत्यारोपी को पकड़ने की मांग करने लगे। इसके बाद भीड़ सड़क पर आ गई। फतेहाबाद मार्ग स्थित मुगल पुलिया पर जाम लगा दिया।
सूचना पर डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास कई थानों के फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। बच्ची के परिजनों से बात की। भरोसा दिलाया कि आरोपित बचेगा नहीं। जल्द पकड़ जाएगा। पुलिस के स्तर से इस मामले में कोई चूक नहीं हुई है। पेास्टमार्टम में मौत की वजह साफ होगी। बच्ची के साथ कुछ गलत हुआ होगा तो भी पता चल जाएगा। आरोपित किसी भी सूरत में बच नहीं पाएगा। डीसीपी के समझाने पर भीड़ शांत हो गई और जाम खेाल दिया। इसी बीच सोशल मीडिया पर वाहनों में तोड़फोड़ का मैसेज वायरल हुआ। हालांकि पुलिस किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ से इनकार कर रही है। पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना पर भीड़ जमा हो गई थी। कोई बवाल नहीं हुआ। कुछ लोगों ने नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया।





