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रिफाइंड के बाद अब सरसों के तेल की नहीं हो रही आपूर्ति

Shantanu Roy
22 May 2026 3:09 PM IST
रिफाइंड के बाद अब सरसों के तेल की नहीं हो रही आपूर्ति
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Market. मंडी। प्रदेश के डिपुओं में मिलने वाले सस्ते राशन पर निर्भर रहने वाले करीब 32 लाख उपभोक्ताओं के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। महंगाई के इस दौर में अब आम आदमी की रसोई का ‘तडक़ा’ भी कड़वा हो गया है। प्रदेश के राशन डिपुओं में पिछले कई महीनों से रिफाइंड तेल की सप्लाई पहले से ही ठप थी, और अब मई महीना खत्म होने को है लेकिन उपभोक्ताओं को सरसों का तेल तक नसीब नहीं हुआ है। सरकारी गोदामों से तेल गायब होने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोग खुले बाजार से महंगे दामों पर तेल खरीदने को मजबूर हैं, जिससे घरेलू बजट पूरी तरह से चरमरा गया है। बता दें कि हिमाचल के डिपुओं में हर महीने लगभग 26 लाख लीटर सरसों के तेल की
खपत होती है।


जबकि हिमाचल प्रदेश में करीब 19 लाख से अधिक राशनकार्ड धारक परिवार है। राशन डिपुओं में इस बार उपभोक्ताओं को उड़द, चने की दाल, मलका मसूर, चावल और आटा तो मिल गया है, लेकिन बिना तेल के गृहणियों के सामने यह संकट खड़ा हो गया है कि खाना कैसे पकाएं खुले बाजार में खाद्य तेलों की कीमतें आसमान छू रही हैं। जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का बजट पूरी तरह से चरमरा गया है। उपभोक्ता हर रोज डिपुओं के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। इस बार सरसों के तेल की टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। वहीं संजीव वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड मंडी ने बताया कि सरसों के तेल के दामों की टेंडर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है। टेंडर का कार्य पूरा होते ही डिपुओं में तेल की खेप भेज दी जाएगी। उपभोक्ताओं की इस समस्या को प्राथमिकता से हल किया जाएगा।
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