
आगरा। पहाड़ों पर हो रही बारिश से आगरा में यमुना ने रोद्र रूप धारण कर लिया है। वाटर वर्क्स पर यमुना बाढ़ की चेतावनी स्तर 495 फीट को पार कर गई है। इससे शहर की कॉलोनियों और गांव के मुहाने तक पानी पहुंच गया है। घाट, मंदिर सहित ताजगंज श्मशान घाट की अंत्येष्टि स्थल डूब गए हैं। ताजमहल की दीवार तक पानी पहुंच रहा है, जिसके चलते सीआईएसएफ की सुरक्षा चौकी हटानी पड़ गई है। इधर, गोकुल बैराज से नदी में हर घंटे पानी का डिस्चार्ज बढ़ा रहा है। जिला प्रशासन शुक्रवार तक जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने की आशंका जता रहा है। उन्होंने लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है।
17 अगस्त की शाम चार बजे हथिनी कुंड से यमुना में 1.78 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। 19 अगस्त को ओखाला बैराज से भी नदी में 91,212 क्यूसेक पानी में छोड़ दिया गया। परिणाम स्वरूप बुधवार को मथुरा में नदी खतरे के निशान को पार करके 165.94 मीटर पर बह रही है। ऐसे में गोकुल बैराज से नदी में निरंतर पानी छोड़ा जा रहा है। मंगलवार दोपहर तीन बजे से 87,079 क्यूसेक पानी प्रतिघंटे नदी में छोड़ा गया है, जो निरंतर 11 घंटे चला है। बुधवार दोपहर दो बजे गोकुल से डिस्चार्ज बढ़ाकर 88,785 क्यूसेक कर दिया गया, जो शाम सात बजे तक चला है। रात आठ बजे 90,483 क्यूसेक प्रति घंटे पानी छोड़ना शुरू कर दिया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की मानें तो ये पानी शुक्रवार तक आगरा आ जाएगा। इससे जल संस्थान आगरा पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान 499 फीट पहुंच सकता है। अभी रात आठ बजे यहां नदी का जलस्तर 495.1 फीट रिकार्ड हुआ है। इससे लोगों में दहशत की स्थिति है। कैलाश मंदिर की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। यमुना ब्रिज क्षेत्र के कटरा वजीर खां और घाट बजरिया नदी से सटी गलियों में पानी पहुंचना शुरू हो गया है। एत्मादउद्दौला के जौहरी बाग स्थित घाट पर बने शिव मंदिर तक पानी पहुंच गया है। एत्मादउद्दौला स्मारक मेहताब बाग की दीवार को पानी छूकर बह रहा है।





