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स्मार्ट सिटी पर गंदगी का ग्रहण, सफाई कर्मियों की हड़ताल से बिगड़ी व्यवस्था

Shantanu Roy
20 May 2026 3:56 PM IST
स्मार्ट सिटी पर गंदगी का ग्रहण, सफाई कर्मियों की हड़ताल से बिगड़ी व्यवस्था
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Shimla. शिमला। राजधानी शिमला एक ओर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकास की राह पर आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर इन दिनों शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नगर निगम शिमला की सैहब सोसायटी के कर्मचारी पिछले पांच दिनों से हड़ताल पर हैं, जिसके चलते शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए हैं। शहर की सफाई व्यवस्था का अधिकांश जिम्मा सैहब सोसायटी के कर्मचारियों के पास है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण न केवल वार्डों में सफाई प्रभावित हुई है, बल्कि डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन भी नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि नगर निगम ने हर वार्ड में कूड़ा एकत्र करने के लिए पिकअप प्वाइंट बनाए हैं और वहां से कूड़ा उठाने के लिए वाहन भेजे जा रहे हैं, लेकिन गाडय़िों की कमी के कारण समय पर कूड़ा नहीं उठ पा रहा। इसका असर यह है कि शहर के मुख्य बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में दोपहर तक गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। निगम द्वारा दोपहर बाद सफाई अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन तब तक लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़
रही है।

शहर की सडक़ों और रास्तों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। सडक़ और गलियों की सफाई करने वाले कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हैं, जबकि नगर निगम के नियमित कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। उपलब्ध कर्मचारी मॉल रोड, रिज और अन्य पर्यटन स्थलों की सफाई व्यवस्था संभालने में लगे हुए हैं। हालात यह हैं कि जहां-जहां कूड़े के ढेर लग रहे हैं, वहां बंदरों, लंगूरों और आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। इससे लोगों का आवागमन भी जोखिम भरा बन गया है। शहरवासियों ने नगर निगम से अतिरिक्त वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग उठाई है। सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कई वार्डों में पार्षदों ने स्वयं सफाई अभियान शुरू कर दिया है। स्थानीय लोग और स्वयंसेवक भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। हालांकि यह अभियान अधिकतर छुट्टी या रविवार के दिन ही चल पा रहा है। इसके बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी है।
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