भारत
महिला विशेषज्ञ डाक्टर सस्पेंड, कोताही बरतने पर सरकार ने लिया कड़ा संज्ञान
Shantanu Roy
1 July 2026 5:18 PM IST

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Kullu. कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में सजेरियन के बाद हुई रजनी शर्मा के मौत मामले में सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया। महिला विशेषज्ञ डाक्टर को सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने निलंबित कर दिया है। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग कुल्लू को डॉक्टर निलंबित करने का ऑर्डर मंगलवार शाम को भेजा। वहीं, कुल्लू सदर के विधायक मंगलवार को दो बार क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के परिसर में आमरण अनशन पर बैठे लोगों से मिलने पहुंचे। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन से भी इस मामले को गंभीरता से जांच करने को लेकर चर्चा की। वहीं, मुख्यमंत्री से भी इस मामले पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाने की फोन के माध्यम से बात की। उनकी इस बात पर सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और महिला विशेषज्ञ डा. अनु को निलंबित कर दिया। निलंबन का ऑर्डर कॉपी लेकर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर फिर आमरण अनशन पर बैठे लोगों से मिलने पहुंचे और डाक्टर को निलंबित करने का ऑर्डर दिखाया और निलंबन की ऑर्डर कॉपी आमरण अनशन पर बैठे लोगों को दी। इसके बाद लोगों ने विधायक का थैंक्स किया।
बता दें कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में 21 जून 2026 को ऑपरेशन के बाद प्रसूता महिला की मौत के मामले में स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. अनु देवी को निलंबित कर दिया गया है। स्वास्थ्य सेवा निदेशक की रिपोर्ट के आधार पर प्रधान सचिव स्वास्थ्य एम सुधा देवी ने यह आदेश जारी किए। स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. अनु देवी ने क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में 21 जून को एक महिला का सिजेरियन किया था। सिजेरियन के बाद महिला रजनी शर्मा प्रधान सचिव ने सीसीएस सीसीए नियम 1965 के नियम 10 के तहत कार्रवाई करते हुए डा. अनु देवी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। आदेश में कहा गया कि निलंबन अवधि में डा. अनु देवी का मुख्यालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशालय शिमला रहेगा। वे सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगी। सरकार ने मामले की जांच के आदेश भी दिए हैं।
विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने अनशन पर बैठे लोगों को कहा कि 2018 में भी एक महिला और शिशु की मौत हो गई थी। इसके बाद वे 50 दिन अस्पताल की व्यवस्था को लेकर धरने पर बैठे थे। उन्होंने कहा कि अब रजनी शर्मा की मौत हुई, यह दु:खद घटना है। दिवंगत आत्मा को न्याय दिलाने के लिए निर्णायक प्रयास किया। मुख्यमंत्री से बात की गई। सरकार ने तुरंत प्रभाव से डा. अनु को निलंबित कर दिया है। वहीं, दो नर्सिज के संस्पेंशन नाम भी भेज दिए गए हैं। विधायक ने कहा कि कुल्लू अस्पताल की व्यवस्था को बनाने के लिए उन्होंने जनता के हित में लड़ाई लड़ी है। अस्पताल के बाहर 50 दिन धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कोई कोताही बरतेगा, उस पर कार्रवाई होगी। कुल्लू अस्पताल में कोताही सहन नहीं होगी। इसके लिए अपनी सरकार से भी लड़ाई लड़ी जाएगी।
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