भारत

महिला अधिकारी और लिपिक फरार, शिक्षक सुसाइड केस में गिरफ्तारी जल्द

Nilmani Pal
9 March 2026 7:12 AM IST
महिला अधिकारी और लिपिक फरार, शिक्षक सुसाइड केस में गिरफ्तारी जल्द
x
पढ़े पूरी खबर

यूपी। गोरखपुर के गुलरिहा में रहने के दौरान शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की खुदकुशी प्रकरण में देवरिया की फरार बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और क्लर्क संजीत सिंह पर शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस, फरार क्लर्क के चचेरे भाई और साले को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

पुलिस उनकी मदद से फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। खबर है कि फरार बीएसए और लिपिक स्टे को हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। सोमवार को सुनवाई की तारीख पड़ी है। उधर, इस मामले में निलंबित हुआ देवरिया बीएसए ऑफिस का प्रधान सहायक भी जांच टीमों के रडार पर है। बताया जा रहा है कि निलंबित प्रधान सहायक बीएसए के खास लोगों में शामिल रहा है।

गुलरिहा पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें देवरिया की निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह की तलाश में चार जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं। सुसाइड नोट में दोनों पर नियुक्ति बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये की मांग और लगातार उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फरार चल रहे संजीव सिंह के ठिकानों के बारे में चचेरे भाई और साले से जानकारी जुटाई जा रही है।

इससे पहले पुलिस ने बीएसए शालिनी व लिपिक संजीव के परिजनों से भी पूछताछ की थी, लेकिन तब कोई ठोस सुराग नहीं मिला था। मुख्य आरोपित लिपिक संजीव सिंह मूल रूप से बलिया जिले का रहने वाला है और देवरिया में भी मकान बनवा लिया है। निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव भी बलिया जिले की निवासी हैं। पुलिस की 4 टीमें बलिया, देवरिया, लखनऊ व प्रयागराज में छापेमारी कर रही हैं। निलंबित हुआ प्रधान सहायक तनुज श्रीवास्तव विधिक कार्यों में काफी माहिर रहा है। कोर्ट से जुड़े कामों की अधिक जानकारी होने के कारण वह कार्यालय में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के सबसे खास लोगों में एक रहा है। चर्चा है कि पटल पर संजीव सिंह के रहने के बाद भी कई जटिल प्रकरणों को तनुज द्वारा ही देखा जा रहा था।

Next Story