
दिल्ली। साउथ दिल्ली के मालवीय नगर में किराए के फ्लैट में एसी लगवाने के दौरान हुए विवाद में अरुणाचल प्रदेश की एक प्रतियोगी छात्रा और उसकी दो सहेलियों पर नस्लीय टिप्पणी के आरोपों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि अब यूपी के गोरखपुर शहर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की एक रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मोहद्दीपुर से एम्स गेट नंबर दो तक करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा कर दुर्व्यवहार और बैड टच करने का मामला सामने आ गया है। डॉक्टर पर नस्लीय टिप्पणी करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। उत्तर पूर्वी क्षेत्र के एक राज्य की रहने वाली डॉक्टर एम्स में परास्नातक तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने देवरिया के रहने वाले तीनों आरोपी छात्रों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है। डीडीयू के छात्र तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
एम्स गोरखपुर में परास्नातक तीसरे वर्ष की पढ़ाई कर रहीं रेजिडेंट डॉक्टर के अनुसार वह अपने एक मित्र के साथ 22 फरवरी को मोहद्दीपुर स्थित एक मॉल में गई थीं। रात करीब आठ बजे वहां से निकल रही थीं, तभी तीन युवकों ने उन्हें घूरना शुरू किया और हंसी-ठिठोली शुरू कर दी। नस्लीय टिप्पणी करते हुए अपशब्द कहे। पीड़िता के अनुसार तीनों युवक मॉल से उनका पीछा करते हुए एम्स गेट नंबर दो तक पहुंच गए। रास्तेभर गाली-गलौज करते रहे। आरोप है कि गेट के पास एक युवक ने अपनी शर्ट उतारकर अशोभनीय हरकत की और बैड टच भी किया। हत्या की धमकी दी।
एम्स की रेजिडेंट डॉक्टर का पीछा करने, बैड टच और नस्लीय टिप्पणी का मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने पीड़िता से संपर्क किया। डॉक्टर ने लिखित रूप से खुद के साथ हुई घटना साझा की। पीड़िता की तहरीर पर एम्स थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान कर दो को गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपितों की पहचान देवरिया कोतवाली क्षेत्र के उमा नगर निवासी सूरज गुप्ता और रामनाथ उत्तरी निवासी अमृत विश्वकर्मा के रूप में हुई है। दोनों देवरिया के किसी कॉलेज में पढ़ते हैं। देवरिया का ही रहने वाला इनका तीसरा साथी डीडीयू में बीए तृतीय वर्ष का छात्र है। वह यहां किराये पर कमरा लेकर रहता है। इसी से मिलने दोनों गोरखपुर आए थे। घटना की रात तीनों एक साथ निकले थे।
रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन नाफोर्ड ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग किया है। मामले को गंभीर नस्लीय उत्पीड़न और यौन हमले की संज्ञा दी। पोस्ट में कहा गया कि पूर्वोत्तर से होने के कारण डॉक्टर को रूढ़िवादी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। इससे उन्हें गहरा सदमा और अपमान महसूस हुआ।





