
यूपी। बांदा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां संपत्ति और रुपये के लालच में दिव्यांग किसान की हत्या उसके बेटे और किसान के दोस्त ने मिलकर की थी। पिता के दोस्त ने ही बेटे को भड़काया था कि तुम्हारा पिता पांचवी शादी करने जा रहा है। मैं होता रास्ते से अलग कर देता.. शादी के बाद वह अपनी संपत्ति होने वाली पत्नी नाम कर देगा। इसके बाद आरोपी ने पिता के दोस्त इकबाल के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। दरअसल मृतक अपने दोस्त को सात बिस्वा जमीन बेचने का वादा किया था लेकिन उसे नहीं दे रहा था। इससे वह खुन्नस खाए था। बुधवार को पुलिस ने इसका खुलासा कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
एसपी पलाश बंसल ने बताया कि थाना नरैनी क्षेत्र के हड़हा गांव में शुक्रवार रात करीब 1.30 बजे ग्राम हड़हा के रहने वाले 50 वर्षीय मंसूर खान की अपने घर में सोते समय अज्ञात द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक के पुत्र मासूक खान की तहरीर पर थाना नरैनी में हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। क्षेत्राधिकारी नरैनी कृष्णकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया था। साक्ष्यों के आधार पर परिजनों पर शक गहरा रहा था। जिस पर जांच पड़ताल की गई। अंतिम संस्कार होने के बाद मृतक के बेटे मासूक खान को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने घटना को अपने सहयोगी की मदद से कारित करना स्वीकार किया। उसने बताया कि उसके दादा ने सेवा सत्कार करने पर अपनी 6 बीघा जमीन उसके नाम कर दी थी।
आरोपित ने बताया कि पिता ने उसकी शादी करवाने तथा उसका घर बनवाने के नाम पर उसकी 4 बीघा जमीन 44 लाख रुपये में बिकवी दी। जबकि उसे मात्र 5 लाख रुपये दिए। साथ ही घर बनवाकर आधे घर पर कब्जा कर लिया। मृतक ने अपने पुत्र (अभियुक्त) से वादा किया था कि मरने से पहले वह अपनी 3 बीघा जमीन उसके नाम कर देगा। लेकिन अभियुक्त को उसके मित्र ने बताया कि उसका पिता 5वीं शादी करने जा रहा है और जिससे शादी कर रहा है। वहां पहले से तय हुआ है कि शादी से पूर्व वह अपनी पूरी सम्पत्ति उस महिला के नाम करेगा।
दरअसल, मृतक मंसूर ने अपने करीबी मित्र इकबाल हुसैन (सह-अभियुक्त) को 7 बिस्वा जमीन बेचने का वादा किया था लेकिन वह बेंच नहीं रहा था। इसके कारण इकबाल हुसैन भी उससे खुन्नस खाएं हुए था। इसी वजह से उसने अपने दोस्त के बेटे मासूक खान को भड़काया कि तुम्हारा पिता तुम्हारी सारी संपत्ति हड़प गया और 5वीं शादी कर रहा है जिसे वह अपनी शेष सम्पत्ति भी दे देगा। अगर मैं होता तो उसे रास्ते से हटा देता। इकबाल हसन ने मासूक खान के अवैध तमंचा व कारतूस दिया और कहा कि अपने पिता को रास्ते से हटा दो नहीं तुम्हें कुछ नहीं मिलेगा। इसके बाद मासूक खान ने अवैध तमंचे से दो गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मासूक ने दूसरे कमरे में लेटी अपनी दिव्यांग बहन जो बिस्तर से उठ नहीं सकती से कहा कि किसी को बताना नहीं कोई पूछे तो कहना की कोई अज्ञात व्यक्ति आया था। जिसने गोली मारकर हत्या की और दरवाजे से भाग गया। यही बात उसने अपनी पत्नी से भी कही।





