फर्जी पेट्रोल पंप सील, गाड़ियां खराब होने की शिकायत पर गोलमाल का हुआ उजागर

यूपी। मैनपुरी में पूर्ति विभाग और एसटीएफ गौतमबुद्ध नगर ने पुलिस के साथ मिलकर थाना क्षेत्र के ग्राम सलेमपुर और जींगन चंदाई में चल रहे दो अवैध पेट्रोल पंप पकड़े हैं। पेट्रोल पंप को सील कर दिया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और जेल भेज दिया गया। पकड़े गए आरोपी अंतरराज्यीय अपराधी है। इन्होंने फर्जी पते पर फर्जी पेट्रोल, रिफाइनरी और पेट्रोलियम कंपनियां भी बना रखी हैं।
उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकर्णीय ऊर्जा विभाग प्राधिकरण द्वारा बायोडीजल की बिक्री के लिए प्राइवेट कंपनियों को अधिकृत किया गया है। इन कंपनियों में पंजीकरण कराकर और एनओसी लेकर पेट्रोल पंप संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन सलेमपुर में फर्जी रूप से पेट्रोल पंप खोल लिया गया। इसकी शिकायत लोगों द्वारा की गई। शिकायत के आधार पर नौ फरवरी को प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी जाकिर हुसैन, पूर्ति निरीक्षक अदिति चौहान, निरीक्षक एसटीएफ गौतमबुद्धनगर सचिन कुमार कुरावली पुलिस को लेकर मौके पर पहुंच गए। एसटीएफ निरीक्षक ने बताया कि यहां पेट्रोल पंप संचालक राधेश्याम पुत्र वासुदेव सिंह निवासी मोहल्ला 153 नित्या एनक्लेब जलेसर रोड फिरोजाबाद, अंकित यादव पुत्र सतेंद्र यादव निवासी सलेमपुर कुरावली द्वारा ये पेट्रोल पंप संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उन दोनों को जेल भेज दिया। इनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7, बीएनएस की धारा 338, 336, 340(2), 3/5 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस पेट्रोल पंप पर पेट्रोलियम तेल की तरह केमिकल से तैयार किए गए तेल को बेचा जा रहा था। जिससे स्थानीय लोगों के वाहन खराब हो रहे थे।
एसटीएफ ने जानकारी दी कि 14 नवंबर 2025 को पेट्रोल पंपों पर नकली और मिलावटी डीजल की सप्लाई करने वाले गिरोह के पांच सदस्य पवन गिरि, सद्दाम, चंद्रविजय, सर्वेश, कन्हैयालाल को गिरफ्तार कर थाना एका से जेल भेजा गया था। चंद्रा फिलिंग स्टेशन एटा को सील किया गया था। इस संबंध में थाना एका में एफआईआर भी दर्ज हुई, उसी समय बायो डीजल के नाम पर मिलावटी पेट्रोल बेचने और फर्जी पेट्रोल पंप संचालित करने की बात सामने आयी थी। इसी के तहत ये कार्रवाई की गई। पकड़े गए राधेश्याम ने खुलासा किया कि वह कक्षा 12 पास है। 2018 में उसे दिल्ली के एक फर्जी पते पर अंचन पेट्रोलियम प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की। इसके अलावा उसने अंचन रिफाइनरी प्राइवेट लिमिटेड भी फर्जी नाम से बनाई। इस रिफाइनरी के नाम से इन लोगों को पेट्रोल पंप के लिए परमीशन दिलवाने के नाम पर लोगों से वसूली करता है। उसने अब तक कन्नौज, इटावा, फिरोजाबाद, औरैया, मैनपुरी में अपनी बनाई फर्जी कंपनी और रिफाइनरी से एक दर्जन लोगों के पेट्रोल पंप लगवाए हैं।





