फर्जी जज ने महिला अफसरों को फंसाया, हथकड़ी वाली फोटो से खुली पोल

यूपी। फर्जी जज बन इस ‘नटवरलाल’ ने कई कामकाजी महिलाओं को अपना निशाना बनाया। केजीएमयू की नर्सिंग ऑफिसर से 59 लाख और सचिवालय में तैनात युवती से 40 लाख की ठगी के बाद जेल में बंद ‘नटवरलाल’ विष्णु शंकर गुप्ता का एक और मामला सामने आया। शादी का झांसा देकर फतेहपुर की शिक्षिका से भी 9.27 लाख की ठगी की। फर्जी जज ने विश्वास दिलाने के लिए व्हाट्सएप के स्टेटस में युवती की फोटो लगा भावी पत्नी होने का जिक्र किया। छह साल बाद वायरल आरोपित की फोटो और हथकंडे को देख पीड़िता ने पहचान कर आलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई, तब फजलगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
जहानाबाद के हनुमानगंज बजरिया कोड़ा में रहने वाली ये महिला महराजगंज में शिक्षिका हैं। सितंबर-2018 में समाचार पत्र में आए वैवाहिक विज्ञापन के जरिए में मुलाकात राहुल गुप्ता नाम के शख्स से हुई। राहुल ने खुद को सिविल जज बता सिद्धार्थनगर में तैनाती बताई। यहां तक कि जज की आईडी दिखा विश्वास जीता। अक्तूबर-2018 में कानपुर स्थित रेव मोती मिलने बुलाया, जहां आरोपित और तथाकथित बहन लक्ष्मी गुप्ता से हुई। आरोपित ने सिद्धार्थनगर से लखनऊ ट्रांसफर और शादी का झांसा देकर पांच लाख की मांग की। फोन पर बातचीत के दौरान शादी का आश्वासन देकर रुपये की मांग करता रहा। नवंबर-2018 में फजलगंज बस स्टैंड के पास बुलाया, जहां 5 लाख नकद दिए। इसके बाद शातिर ने शिक्षिका का ट्रांसफर लखनऊ में कराने का झांसा देकर 3 लाख रुपये लिए। 10 जून वर्ष-2019 में शादी की बात कही। इतना ही नहीं व्हाट्सएप में फोटो अपलोड कर भावी पत्नी का स्टेटस लगाया। 7 जून 2019 में आखिरी बार बात हुई, फिर नंबर बंद आने लगा। 23 सितंबर को समाचार पत्राें व सोशल मीडिया में वायरल राहुल गुप्ता की जब फोटो देखी तो होश उड़ गए। फोटो के जरिए शातिर राहुल की पहचान की, तब पता चला इसका असली नाम विष्णु शंकर गुप्ता है। जो नवाबगंज निवासी है। फजलगंज थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया आरोपित के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपित विष्णु शंकर गुप्ता व उसकी पत्नी नर्सिंग ऑफिसर व एक अन्य युवती से 99 लाख की ठगी के मामले में जेल में बंद है।
आरोप है कि, भावी पत्नी का स्टेटस लगाने के बाद आरोपित ने वोटर आईडी कार्ड में हेरफेर कर कानपुर का पता दर्शाया और फजलगंज स्थित एक शोरूम में उनसे 1.27 लाख जमा करने के बाद अर्टिगा कार फाइनेंस कराई जो लेकर रफूचक्कर हो गया। शिक्षिका ने बताया छह साल पहले सात जून को आरोपित से आखिरी बार बात हुई थी। पाई-पाई ठगने के बाद तलाश की, न नंबर मिला न ही उसका कुछ पता चल पाया।





