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फर्जी एविएशन जॉब और एडमिशन रैकेट का खुलासा, वांछित आरोपी गिरफ्तार

SHIDDHANT
22 Aug 2026 8:09 PM IST
फर्जी एविएशन जॉब और एडमिशन रैकेट का खुलासा, वांछित आरोपी गिरफ्तार
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नौकरी के नाम पर ठगी
Noida नोएडा। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी एविएशन जॉब और एडमिशन रैकेट संचालित करने वाले गैंग के एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभिसूचना संकलन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर अजय पुत्र धर्मपाल सिंह को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में गैंग के पांच आरोपियों को पहले ही 8 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सेक्टर-22, नोएडा स्थित लम्बोदर इंस्टीट्यूट के नाम से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे।
गैंग के सदस्य प्रतिष्ठित एविएशन कंपनियों और प्रशिक्षण संस्थानों में नौकरी दिलाने तथा एडमिशन कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद ऑनलाइन इंटरव्यू, रजिस्ट्रेशन, एडमिशन, ट्रेनिंग, मेडिकल, यूनिफॉर्म, सिक्योरिटी डिपॉजिट और प्रोसेसिंग फीस समेत अलग-अलग मदों के नाम पर चरणबद्ध तरीके से रकम वसूली जाती थी।
आरोपियों ने ठगी को विश्वसनीय बनाने के लिए खुद को विभिन्न एविएशन संस्थानों और एयरलाइंस का प्रतिनिधि बताया। इतना ही नहीं, अभ्यर्थियों को फर्जी ऑफर लेटर, एडमिशन कन्फर्मेशन, प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेज भी भेजे जाते थे। इन दस्तावेजों को देखकर पीड़ितों को नौकरी या एडमिशन मिलने का भरोसा हो जाता था और वे आरोपियों के बताए बैंक खातों में रकम जमा कर देते थे।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि गैंग ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से फर्जी वेबसाइट तैयार की थी। इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम और लोगो का कथित तौर पर दुरुपयोग कर लोगों को भ्रमित किया जाता था। ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग म्यूल बैंक खातों में मंगाया जाता था, जिसके बाद आरोपी उसे आपस में बांट लेते थे।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर में मुकदमा दर्ज है। पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर गैंग से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी या एडमिशन के नाम पर किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित कंपनी या संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट और प्रमाणिकता की जांच जरूर करें। रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट या ट्रेनिंग फीस के नाम पर तत्काल भुगतान करने का दबाव बनाने वालों से सावधान रहें।
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