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आधुनिक-स्मार्ट तकनीक का प्रयोग सुनिश्चित बनाने पर बल

Shantanu Roy
22 Nov 2025 5:28 PM IST
आधुनिक-स्मार्ट तकनीक का प्रयोग सुनिश्चित बनाने पर बल
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सोलन। एकल खिडक़ी स्वीकृति एजेंसी की सदस्य सचिव राकेश बाला ने प्रदेश में कार्यरत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों से आग्रह किया कि भविष्य की प्रतियोगिता में बने रहने के लिए आधुनिक एवं स्मार्ट तकनीक का प्रयोग सुनिश्चित बनाएं। वह परवाणू में शुक्रवार को ‘सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग के प्रदर्शन को बढ़ावा देना और तीव्रता लाना’ (आरएएमपी) विषय पर परवाणू में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत स्मार्ट उत्पादन एवं उद्योगों की बेहतरी के लिए उद्योग 4.0 तकनीक अपनाने के विषय में सारगर्भित जानकारी प्रदान की गई। सदस्य सचिव ने सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योगों के लिए डिजिटल बदलाव की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस क्षेत्र के उद्योग इंडस्ट्री 4.0 तकनीक अपनाकर उत्पादन बढ़ाने और ऑपरेशनल दक्षता में वृद्धि कर सकते हैं।
इससे उत्पादन क्षेत्र में उन्हें व्यापक स्तर पर लाभ होगा। राकेश बाला ने उपस्थित उद्योग प्रतिनिधियों से आग्रह कि सरकार द्वारा उद्योगों के लिए प्रायोजित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं ताकि सतत् वृद्धि के लक्षय को आसानी से हासिल किया जा सके। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के विशेषज्ञों ने इस अवसर पर कृत्रिम मेधा (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), मशीन लर्निंग (एमएल), स्मार्ट उत्पादन, क्लाउड कंप्यूटिंग, एंटरप्राईंज़ रिर्सोस प्लानिंग (ईआरपी), उपभोक्ता संबंध प्रबंधन सहित अन्य संबद्ध विषयों पर प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रदान की। जागरूकता कार्यक्रम में आरएएमपी प्रयास के उद्देश्य तथा नवीन तकनीक अपनाकर, क्षमता उन्नयन और डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से भविष्य की तैयारियों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों को आरएएमपी कार्यक्रम के तहत विभिन्न योजनाओं तथा प्रयासों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों से आग्रह किया गया कि स्मार्ट तथा डिजिटल उत्पादन अभ्यास अपनाकर हिमाचल में सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योगों को और बेहतर बनाएं। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों के साथ विचार-विमर्श किया गया और उद्योग 4.0 निवारण तकनीक अपनाने पर व्यावहारिक चर्चा की गई। सूक्ष्म, लघु तथा उद्योग जगत के प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर अपनी शंकाएं प्रस्तुत की जिसका समुचित निवारण किया गया। इस अवसर पर प्रदेश उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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