
यूपी। कानपुर दक्षिण के गोविंदनगर में शनिवार को सनसनीखेज घटना सामने आई है। एक घर में बुजुर्ग महिला 67 वर्षीय द्रौपदी आनंद की निर्ममता से हत्या कर दी गई। वृद्धा के पैर रस्सी से कसने के साथ दोनों अंगूठों में बिजली का तार बांध सॉकेट में प्लग लगा दिया गया। इतना ही नहीं वृद्धा के सिर पर बांके से भी वार किया गया था। सुबह नौकरानी काम करने पहुंची तो गेट नहीं खुला। पड़ोसी ने धक्का मारा तो गेट खुलने पर अंदर का नजारा देख दंग रह गए। रक्तरंजित शव बेड पर पड़ा था। शरीर पर करंट दौड़ रहा था।
पुलिस ने जांच की तो वृद्धा के साथ रहने वाला छोटा भाई भगवान दास गायब मिला। तलाश हुई तो वह गोविंदपुरी स्टेशन पर अचेत पड़ा मिला। डीसीपी साउथ फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। साक्ष्य संकलन के दौरान बांका बेड के नीचे मिला। पुलिस को घर से भगवान दास की खून से सनी टीशर्ट व लोअर मिली। पुलिस के मुताबिक भगवानदास कपड़े बदल घर से बाहर निकले थे। इससे शक पुख्ता होता है कि उसने ही बहन की हत्या की है।
हैलट के आईसीयू में भर्ती भगवान दास को शनिवार देर रात होश आया। होश में आते ही उसने पूछा, बहन जिंदा है या मर गई। उसकी सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने आला अफसरों को सूचना दी। गोविंद नगर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और घटना के बारे में पूछताछ शुरू की। पुलिस ने पूछा कि वह गोविंदपुरी स्टेशन कैसे पहुंचा। भगवान दास ने बताया कि वह घर से पटरी के रास्ते स्टेशन पहुंचा था। वह आत्महत्या करना चाहता था लेकिन इस दौरान कोई भी ट्रेन नहीं आयी और वह स्टेशन पहुंच गया। फिर यहां भी टहलता रहा। पुलिस ने बताया चूंकि डिप्रेशन की कई गोली एक साथ खा ली थी इसलिए वह अर्धबेहोशी की हालत में हो गया था। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार की रात 11.06 बजे पर घर के अंदर गया और सुबह 8.16 बजे घर से बाहर निकला। सीसीटीवी फुटेज में वह घर के अंदर जाते और बाहर निकलते दिख रहा है। उसके सिवाय कोई नहीं गया। ऐसे में भगवान दास पर पुलिस का शक गहरा रहा है। कई पुख्ता साक्ष्य भी पुलिस को मिल गए हैं लेकिन भगवान दास के पूरी तरह से होश में आने का इंतजार पुलिस कर रही है।
गोविंद नगर में 67 वर्षीय द्रोपदी की हत्या की वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना वह दंग रह गया। लोग बोले, आखिर इतनी नृशंस हत्या कोई कैसे कर सकता है। पुलिस को जिस तरह से साक्ष्य मिले हैं उसे लेकर भाई भगवान दास पर शक पुख्ता हो रहा है। पड़ोसी अतुल बत्रा ने बताया कि अभी 10 दिन तक द्रोपदी अस्पताल में भर्ती रहीं। भगवान दास बराबर उनके इलाज में लगे रहे। ऐसे में वह लोग इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। क्षेत्रीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतने वर्षों से भाई बहन साथ रह रहे हैं। किसी से कोई रंजिश भी नहीं है। पड़ोसियों के साथ भी अच्छा व्यवहार करते हैं। पड़ोसियों का कहना है कि इतनी वीभत्स हत्या कोई अपराधी ही कर सकता है।





