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वित्तीय धोखाधड़ी
भुवनेश्वर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ओडिशा में मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 24.60 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है। यह कार्रवाई मां तारिणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (MTIL) और उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ चल रही जांच के तहत की गई है। ईडी के भुवनेश्वर क्षेत्रीय कार्यालय ने मंगलवार, 3 नवंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के अंतर्गत संपत्ति कुर्क करने की जानकारी दी।
ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्ति ओडिशा के राउरकेला स्थित छेंड इलाके में प्लूटो प्लाजा मॉल का हिस्सा है। इसमें मॉल का भूतल, प्रथम तल और द्वितीय तल का कुछ भाग शामिल है। यह संपत्ति प्लूटो प्लाजा प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज है। एजेंसी के मुताबिक, इस कंपनी का नियंत्रण कारोबारी हनुमान खेदारिया के पास है।
मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, भुवनेश्वर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। एफआईआर में मां तारिणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड, उसके निदेशकों और सरकारी उपक्रम पीईसी लिमिटेड के कुछ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया था। पीईसी लिमिटेड वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन भारत सरकार का उपक्रम है।
ईडी का आरोप है कि मां तारिणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने पीईसी लिमिटेड के कुछ अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके 19.40 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता हासिल की थी। यह राशि लौह अयस्क की खरीद के लिए प्राप्त की गई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, वित्तीय सहायता लेने के दौरान कंपनी ने अपनी आर्थिक स्थिति से संबंधित गलत जानकारी दी और संपत्तियों पर पहले से मौजूद वित्तीय देनदारियों को छिपाया।
इसी मामले में मां तारिणी इंडस्ट्रीज से संबंधित कंपनी तथागत एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (TEPL) ने भी पीईसी लिमिटेड से 16 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त की थी। ईडी ने बताया कि बाद में संबंधित ऋण गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) बन गए। उस समय ब्याज सहित पीईसी लिमिटेड की कुल बकाया राशि लगभग 56.89 करोड़ रुपये पहुंच गई थी।
जांच में सामने आया कि पीईसी लिमिटेड से प्राप्त धनराशि को मां तारिणी इंडस्ट्रीज और तथागत एक्सपोर्ट्स के बैंक खातों के माध्यम से दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया। एजेंसी का दावा है कि इस राशि का इस्तेमाल मां तारिणी इंडस्ट्रीज के पूर्व शेयरधारकों को शेयर खरीद मूल्य का भुगतान करने के लिए किया गया। इन शेयरधारकों में हनुमान खेदारिया भी शामिल थे।
ईडी की जांच के अनुसार, हनुमान खेदारिया और उनसे जुड़ी संस्थाओं को लगभग 15.31 करोड़ रुपये मिले थे। इस राशि में आनुपातिक ब्याज जोड़ने पर कुल रकम 24.60 करोड़ रुपये हो गई। एजेंसी का कहना है कि संबंधित धनराशि बाद में विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित की गई। इसका इस्तेमाल नकद निकासी, निवेश और व्यावसायिक खर्चों सहित अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया गया।
इसी आधार पर ईडी ने कथित अपराध से अर्जित आय के समतुल्य मूल्य की संपत्ति के रूप में प्लूटो प्लाजा प्राइवेट लिमिटेड की 24.60 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। हालांकि, संपत्ति की अस्थायी कुर्की का अर्थ आरोपों का अदालत में सिद्ध होना नहीं है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
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