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साइबर फ्रॉड केस में ईडी का बड़ा एक्शन, सात ठिकानों पर छापेमारी

SHIDDHANT
8 Jun 2026 10:26 PM IST
साइबर फ्रॉड केस में ईडी का बड़ा एक्शन, सात ठिकानों पर छापेमारी
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Jaipur जयपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जयपुर स्थित जोनल ऑफिस ने 5 जून को किशनगढ़ (अजमेर), नागौर, जोधपुर और लुधियाना (पंजाब) में 7 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002' के तहत एक मलेशियाई नागरिक द्वारा किए गए साइबर फ्रॉड के सिलसिले में की गई। इस मामले में पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) वेंडरों ने धोखाधड़ी से भारतीय मोबाइल नंबर एक्टिवेट किए और उन्हें मलेशियाई नागरिक को सौंपे, जिनका इस्तेमाल बाद में कंबोडिया से भारत में साइबर फ्रॉड करने के लिए किया गया।
ईडी ने पीओएस वेंडरों द्वारा सिम कार्ड के गलत इस्तेमाल को लेकर साइबर पुलिस स्टेशन डीसीपी (क्राइम), जोधपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। ईडी की जांच से पता चला कि सिम वेंडरों ने भारत में धोखाधड़ी से हजारों भारतीय मोबाइल नंबर एक्टिवेट किए थे। इन नंबरों का इस्तेमाल कंबोडिया से व्हाट्सएप कॉल करके भारत के अलग-अलग राज्यों में साइबर फ्रॉड करने के लिए किया गया। ईडी की ओर से लगभग 2.3 लाख नंबरों के विश्लेषण से पता चला कि करीब 36,000 सिम कार्ड कंबोडिया में एक्टिव थे। इनमें से लगभग 5,300 सिम कार्ड भारत भर में सैकड़ों करोड़ रुपए के साइबर फ्रॉड मामलों में शामिल पाए गए।
तलाशी के दौरान यह जानकारी मिली कि राहुल कुमार झा, मोहम्मद शरीफ और संदीप भट्ट ने अन्य सिम वेंडरों - प्रकाश भील, रामावतार राठी, हरीश मलाकार और हेमंत पंवार के साथ मिलकर मलेशियाई नागरिकों को सैकड़ों सिम कार्ड सप्लाई किए। सिम वेंडरों के पास सिम कार्ड जारी करने और एक्टिवेट करने के लिए टेलीकॉम ऑपरेटरों की पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) आईडी थी। उन्होंने कम पढ़े-लिखे और आसानी से झांसे में आने वाले लोगों को सिम कार्ड पोर्ट करने या नए सिम जारी करने के बहाने निशाना बनाया।
हालांकि, उन सिम को एक्टिवेट करते समय उन्होंने अतिरिक्त सिम भी एक्टिवेट किए, जिन्हें बाद में राहुल कुमार झा और उनके साथियों के जरिए मलेशियाई नागरिक को प्रति सिम कमीशन के बदले सप्लाई कर दिया गया। इसके अलावा, तलाशी अभियान के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज/सामग्री जब्त की गई और लगभग 30 बैंक खातों की पहचान की गई। साथ ही आरोपियों से जुड़ी कई चल और अचल संपत्तियों का भी पता चला। वहीं, मामले को लेकर ईडी की ओर से आगे की जांच चल रही है।
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