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Una. ऊना। राज्य ट्रांसपोर्ट विभाग ने वित्तीय प्रबंधन में सराहनीय कार्य किया है। विभाग ने विभिन्न माध्यमों से लगभग एक हजार करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार द्वारा 93 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने गुरुवार को कुंगड़त में नए पंचायत सामुदायिक केंद्र भवन के लोकार्पण अवसर पर कहा कि विभाग ने केवल ‘मनचाहा वाहन नंबर’ (च्वाइस नंबर) की प्रक्रिया के माध्यम से ही लगभग 100 करोड़ रुपए की आय अर्जित की है, जो विभाग की पारदर्शी और प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है। प्रदेश सरकार परिवहन क्षेत्र को सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे निर्णय लिए जाते रहेंगे, जिससे आम जनता और परिवहन से जुड़े हितधारकों को सीधा लाभ मिल सके।
इस दौरान मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वाहन के परमिट अवधि को 12 से बढ़ाकर 15 वर्ष किया है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन की मांग पर इस विषय को पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया गया था। सरकार बनने के बाद जब मामले की समीक्षा की गई तो पाया गया कि यह विषय राज्य सरकार के बजाय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस विसंगति को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने गंभीरता से प्रयास करते हुए मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया और प्रभावी पैरवी की। परिणामस्वरूप न केवल हिमाचल प्रदेश, बल्कि पूरे देश के टैक्सी ऑपरेटरों को इसका लाभ मिला। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही राष्ट्रीय स्तर की विसंगति को दूर करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
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