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Shimla. शिमला। जिला शिमला में अब खुले में शराब पीने वाले लोंगों की खैर नहीं होगी। इसको लेकर प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो खुले में शराब पीता पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ एक्साइज एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरीए जिला स्तरीय एन-कोर्ड समिति की समीक्षा बैठक ली। बैठक में नशीले पदार्थों के सेवन और रोकथाम को लेकर चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान शुरू किया है, जिसके तहत शिक्षण संस्थानों से लेकर समाज के हर हितधारक को जोड़ा जा रहा है। नशा रोकने के इस मिशन में हर नागरिक, अधिकारी और कर्मचारी अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें ताकि हिमाचल को नशा मुक्त राज्य बनाया जा सके। उपायुक्त ने पंचायत स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि नशे का व्यापार करने वालों की सूचना तुरंत जांच एजेंसियों को दें। इसके लिए हर पंचायत और निवारण समिति पूरी तरह सक्रिय रहे। नशा निवारण समितियों के माध्यम से जागरूकता फैलाकर नशा मुक्त हिमाचल के लक्ष्य को पूरा किया जा रहा है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सडक़ किनारे या किसी सार्वजनिक स्थान पर शराब पीते पाए जाने पर आबकारी अधिनियम की धारा 46 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रावधान के अनुसार एक हजार से पांच हजार रुपए तक जुर्माना और तीन महीने तक कारावास की सजा होगी। नशे की तस्करी की गतिविधियों पर निगरानी, चूरा-पोस्त तथा गांजे की गैर-कानूनी खेती पर नियंत्रण, अन्य राज्यों से जुड़े मामलों की जांच प्रगति, स्कूल-कॉलेजों में नशा विरोधी जागरूकता बढ़ाना, प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक विकास कार्यक्रम लागू करना और नशीली फसल की अवैध खेती को समाप्त करने के लिए सभी विभागों की संयुक्त ज़िम्मेदारी तय करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की निगरानी, हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम 1989 और एकीकृत नशा रोकथाम नीति 2022 के क्रियान्वयन को मजबूत करने और विभिन्न विभागों द्वारा किए कार्यों की कार्यवाही रिपोर्ट सरकार को भेजने के विषय पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंघल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून-व्यवस्था) पंकज शर्मा, एसी टू डीसी देवी चंद ठाकुर, डीएसपी अमित ठाकुर सहित जिला के सभी एसडीएम, डीएसपी तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कोई भी बैंक्वेट हॉल, पार्टी लॉन, मैरिज पैलेस, धर्मशाला या अन्य वाणिज्यिक परिसर यदि बिना एल-50बी लाइसेंस के शराब परोसता है तो पहले अपराध पर 50 हजार रुपये, दूसरे पर 75 हजार रुपए और तीसरे व आगामी अपराधों पर एक लाख रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।
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