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मुंबई एयरपोर्ट के पास मस्जिद को लेकर विवाद तेज, MMRDA ने बताया अनधिकृत

Shantanu Roy
19 Sept 2026 3:57 PM IST
मुंबई एयरपोर्ट के पास मस्जिद को लेकर विवाद तेज, MMRDA ने बताया अनधिकृत
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Mumbai. मुंबई। छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 के पास स्थित एक मस्जिद को लेकर विवाद तेज हो गया है। बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने निर्माण की वैधता और सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाते हुए सहार पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है। उन्होंने कहा है कि सात दिनों के भीतर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अदालत का रुख करेंगे। दूसरी ओर, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने संबंधित ढांचे के लिए अपनी ओर से कोई अनुमति जारी नहीं किए जाने की बात कही है और
एयरपोर्ट ऑपरेटर
को नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है। सोमैया ने 18 सितंबर को सहार पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मांग की कि इस बात की जांच की जाए कि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील क्षेत्र में संबंधित जमीन का इस्तेमाल धार्मिक ढांचे के लिए कैसे हुआ और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। सात दिन में केस दर्ज नहीं होने पर आठवें दिन अदालत जाने की बात भी उन्होंने कही है।

एयरपोर्ट के T2 के पास है ढांचा
विवादित ढांचा मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 के VIP अराइवल और टैक्सी स्टैंड क्षेत्र के पास बताया गया है। MMRDA ने 8 सितंबर के अपने पत्र में कहा कि इस स्थान पर संबंधित ढांचे के निर्माण के लिए उसकी ओर से अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) को उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, एयरपोर्ट क्षेत्र के अंतरिम विकास प्लान में इस स्थान पर सार्वजनिक पूजा स्थल का प्रावधान नहीं है। इस आधार पर MMRDA ने निर्माण को अनधिकृत माना है।

सुरक्षा को लेकर सोमैया ने उठाए सवाल
किरीट सोमैया ने अपनी शिकायत में एयरपोर्ट की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है। उनका दावा है कि संबंधित ढांचा संवेदनशील क्षेत्र के बेहद करीब है। उन्होंने आशंका जताते हुए सवाल किया कि यदि भविष्य में इस जगह का किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए इस्तेमाल होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। ये सुरक्षा संबंधी आशंकाएं सोमैया के दावे हैं; किसी सुरक्षा एजेंसी की ओर से सार्वजनिक रूप से यह निष्कर्ष सामने नहीं आया है कि इस ढांचे से वास्तविक सुरक्षा खतरा पैदा हुआ है। इसलिए इस पहलू को राजनीतिक शिकायत और जांच की मांग के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

पानी के कनेक्शन पर BMC का नोटिस
इस बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने भी मस्जिद के पानी के कनेक्शन को लेकर कदम उठाया है। BMC ने एयरपोर्ट प्रबंधन को नोटिस जारी कर कहा है कि उसके रिकॉर्ड में मस्जिद के लिए वैध रूप से स्वीकृत पानी के कनेक्शन की जानकारी उपलब्ध नहीं है। नोटिस में एयरपोर्ट अधिकारियों से कहा गया है कि वे पानी के कनेक्शन की मंजूरी से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं या सात दिनों के भीतर पानी की सप्लाई बंद करें। ऐसा नहीं किए जाने पर मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई की बात कही गई है। सोमैया ने इससे पहले पानी का कनेक्शन अवैध होने का आरोप लगाया था। हालांकि, BMC के नोटिस की सटीक स्थिति यह है कि नगर निकाय को अपने रिकॉर्ड में वैध कनेक्शन की मंजूरी नहीं मिली है और उसने दस्तावेज पेश करने का अवसर दिया है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले सीधे “पानी चोरी साबित” लिखना उचित नहीं होगा।

जमीन और अनुमति पर उठे सवाल
पूरे विवाद में अब कई प्रशासनिक सवाल सामने हैं। इनमें जमीन के स्वामित्व और उसके अनुमत उपयोग के साथ यह सवाल शामिल है कि निर्माण के लिए किस एजेंसी से अनुमति ली गई थी। इसके अलावा एयरपोर्ट परिसर में मौजूद निर्माण को लेकर MMRDA, MIAL, BMC और अन्य संबंधित एजेंसियों की भूमिका भी चर्चा में है। MMRDA ने संबंधित निर्माण के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की पुष्टि करते हुए MIAL से उचित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करने को कहा है। वहीं BMC ने पानी के कनेक्शन से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। अब नजर सहार पुलिस की ओर से सोमैया की शिकायत पर उठाए जाने वाले कदम, MIAL की कार्रवाई और BMC के नोटिस के जवाब पर रहेगी। सोमैया पहले ही कह चुके हैं कि पुलिस स्तर पर सात दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो वे अदालत जाएंगे।
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