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पुलिस मुख्यालय में साइबर अपराध पर मंथन

Shantanu Roy
27 Aug 2025 4:04 PM IST
पुलिस मुख्यालय में साइबर अपराध पर मंथन
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Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से मंगलवार को पुलिस मुख्यालय शिमला में वार्षिक बैंक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने की। बैठक में एडीजीपी कानून एवं व्यवस्था एवं कारागार अभिषेक त्रिवेदी, एडीजीपी स्टेट सीआईडी ज्ञानेश्वर सिंह, डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला, डीआईजी प्रशासन एवं कल्याण उमापति जामवाल, एसपी साइबर क्राइम रोहित मालपानी और एएसपी मनमोहन सिंह सहित प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक, एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, सीएसबी बैंक लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, जेएंडके बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आरबीएल बैंक, साउथ इंडियन बैंक, यस बैंक, हिमाचल प्रदेश एआरबी बैंक, एचपी स्टेट को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड, जोगिंदर नगर सेंट्रल को-आपरेटिव बैंक, कांगड़ा सेंट्रल को-आपरेटिव बैंक, मंडी शहरी सहकारी बैंक, परवाणू शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड सहित विभिन्न बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधि
शामिल हुए।

इसके अलावा एयरटेल पेमेंट्स बैंक, फिनो पेमेंट्स बैंक, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और पेटीएम पेमेंट्स बैंक के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला ने बताया कि वर्ष 2024 में प्रदेश में 12249 साइबर अपराध शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 114 करोड़ का वित्तीय नुकसान हुआ। वहीं वर्ष 2025 में अब तक 10,674 शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें करीब 71 करोड़ का नुकसान दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि हिमाचल साइबर पुलिस की सक्रियता के चलते राहत भी मिली है। वर्ष 2024 में 12 करोड़ और 2025 में अब तक 15 करोड़ की सफल रिकवरी की गई है। साइबर अपराधों की ग्रहणाधिकार दर वर्ष 2022-23 में जहां 3.2 प्रतिशत थी, वहीं अब बढक़र 28.7 प्रतिशत हो गई है। डीजीपी तिवारी ने सीआईएसओ पुस्तिका का भी अनावरण किया।
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