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कांवड़ यात्रा के लिए धामी सरकार के सख्त निर्देश, बिना लाइसेंस दुकानें होंगी बंद
Shantanu Roy
1 July 2025 8:56 PM IST

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Dehradun. देहरादून। श्रद्धा और आस्था के महापर्व कांवड़ यात्रा 2025 को लेकर उत्तराखंड सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में एक सख्त कार्ययोजना लागू की गई है, जिसके तहत यात्रा मार्गों पर शुद्ध और सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत, सभी होटल, ढाबा, ठेली, फड़ और अन्य खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। बिना लाइसेंस या पंजीकरण के संचालित दुकानें बंद की जाएंगी और नियमों के उल्लंघन पर ₹2 लाख तक का जुर्माना तथा आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सचिव का बयान
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त खाद्य संरक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं की सेहत सर्वोच्च प्राथमिकता है। "कोई भी प्रतिष्ठान, जो बिना वैध लाइसेंस, पंजीकरण या फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड के संचालन करेगा, उसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 की धारा 55 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।" सभी खाद्य कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठान पर लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र को प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। वहीं, छोटे विक्रेताओं को फोटो पहचान पत्र और पंजीकरण की प्रति अपने पास रखनी होगी।
सघन निगरानी और जांच अभियान
यात्रा मार्गों पर हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी और उत्तरकाशी जिलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें दूध, मिठाई, तेल, मसाले और पेय पदार्थों के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजेंगी। मानकों पर खरा न उतरने पर संबंधित प्रतिष्ठान को तत्काल बंद कर दिया जाएगा।
अपर आयुक्त का बयान
अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा ताजबर सिंह जग्गी ने कहा, "बिना लाइसेंस खाद्य व्यवसाय करने वालों के खिलाफ सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है। नियमों की अनदेखी पर आर्थिक दंड के साथ आपराधिक मामला भी दर्ज किया जाएगा।" जनता को खाद्य नियमों और उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए सरकार द्वारा बैनर, पोस्टर, पर्चे और सोशल मीडिया के माध्यम से आईईसी अभियान चलाया जा रहा है। किसी भी तरह की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 18001804246 जारी किया गया है। शिकायत मिलने पर प्रशासनिक टीमें तत्काल मौके पर जांच करेंगी।
निगरानी और रिपोर्टिंग
प्रत्येक जिले से प्रतिदिन की गई कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उत्तराखंड शासन ने सभी धार्मिक संस्थाओं, भंडारा संचालकों और खाद्य विक्रेताओं से अपील की है कि वे श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए केवल शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन परोसें। सरकार की मंशा है कि कांवड़ यात्रा में श्रद्धा और स्वास्थ्य दोनों का संतुलन बना रहे।
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