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आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘मोंथा’ का कहर, दो लोगों ने गंवाई जान

Shantanu Roy
29 Oct 2025 5:48 PM IST
आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘मोंथा’ का कहर, दो लोगों ने गंवाई जान
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Andhra Pradesh. आंध्र प्रदेश। चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) ने मंगलवार देर रात आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक देते ही तबाही मचानी शुरू कर दी है। तूफान के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, सड़कें जाम हो गईं और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इस दौरान एक महिला की मौत और दो लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात मोंथा मंगलवार रात आंध्र प्रदेश के तट पर काकीनाडा के पास ज़मीन से टकराया। इस दौरान हवा की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। तेज हवाओं और लगातार बारिश ने सामान्य जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

🌪️ कहां-कहां पड़ा तूफान का सबसे ज्यादा असर
तूफान का सबसे अधिक प्रभाव काकीनाडा, कृष्णा, विशाखापट्टनम, पश्चिमी और पूर्वी गोदावरी जिलों में देखा गया। इन जिलों में कई घरों की छतें उड़ गईं, पेड़ जड़ों से उखड़ गए और बिजली के खंभे गिरने से पूरे इलाके में अंधकार छा गया। कृष्णा जिला प्रशासन के अनुसार, रातभर चली तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण कई घरों में पानी घुस गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नीचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया है। वहीं, एनडीआरएफ (NDRF) और राज्य आपदा प्रबंधन बल (SDRF) की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। पूर्वी गोदावरी जिले में भारी बारिश से नदियों और नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है।

⚡ बिजली और संचार सेवाएं ठप
तूफान की वजह से कई इलाकों में बिजली और इंटरनेट सेवा पूरी तरह ठप हो गई है। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, तूफान के चलते सैकड़ों खंभे और तार गिर गए हैं। बिजली बहाली का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है, लेकिन भारी बारिश के कारण इसमें दिक्कतें आ रही हैं। विशाखापट्टनम में पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, कुछ जगहों पर बिजली गिरने से जनहानि की आशंका भी जताई जा रही है।

🌀 IMD का अलर्ट और संभावित खतरा
भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 24 घंटों के दौरान चक्रवात ‘मोंथा’ उत्तर दिशा में बढ़ेगा और इसका असर तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा तक दिखाई दे सकता है। IMD ने इन राज्यों में 30 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से तटीय ओडिशा और झारखंड के कुछ हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

🏠 राहत शिविरों में लोगों को शिफ्ट किया गया
आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रभावित जिलों में 200 से अधिक अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री, पीने का पानी, और मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने राज्य आपदा प्रबंधन विभाग को सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं और स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि किसी भी हालत में लोगों की जान को खतरा न हो, इसके लिए हर जरूरी कदम उठाया जाए।

🚨 रेल और सड़क यातायात प्रभावित
भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण रेल और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया है, जबकि विशाखापट्टनम और काकीनाडा मार्गों पर बस सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। नेशनल हाइवे-16 पर जगह-जगह पेड़ गिरने और जलभराव के कारण वाहन फंसे हुए हैं। राहत टीमें जेसीबी की मदद से सड़कों को साफ करने का प्रयास कर रही हैं।

🌧️ अन्य राज्यों में असर शुरू
मोंथा का असर अब आंध्र प्रदेश से निकलकर अन्य राज्यों में भी दिखने लगा है।
तेलंगाना: नलगोंडा, खम्मम और हैदराबाद में तेज बारिश दर्ज की गई।
छत्तीसगढ़: बस्तर और दंतेवाड़ा में लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ा।
ओडिशा और बिहार: कुछ इलाकों में बादल छाए हैं और अगले 24 घंटे में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

⚠️ IMD की अपील — अगले 48 घंटे सतर्क रहें
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे समुद्र तटों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और सरकारी निर्देशों का पालन करें। मछुआरों को अगले तीन दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
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