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कर्नाटक में वोटर लिस्ट फर्जीवाड़े पर सख्ती, आलंद के बाद बेलगावी में भी FIR दर्ज

Shantanu Roy
1 Oct 2026 11:47 PM IST
कर्नाटक में वोटर लिस्ट फर्जीवाड़े पर सख्ती, आलंद के बाद बेलगावी में भी FIR दर्ज
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Karnataka. कर्नाटक। कर्नाटक में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामलों को लेकर पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। आलंद विधानसभा क्षेत्र में फर्जी तरीके से मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदन किए जाने की जांच के बाद अब बेलगावी में भी कथित फर्जी Form-7 आवेदनों को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने मतदाता सूची से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही है। आलंद मामले की जांच कर्नाटक पुलिस की विशेष जांच टीम ने की थी। जांच में सामने आया था कि वर्ष 2022-23 में
मतदाता सूची
से नाम हटाने के लिए 6,018 ऑनलाइन आवेदन किए गए थे और कथित रूप से डेटा सेंटर ऑपरेटर को प्रत्येक फर्जी आवेदन के लिए 80 रुपये दिए गए थे। इस हिसाब से करीब 4.8 लाख रुपये भुगतान किए जाने की बात जांच में सामने आई थी। हालांकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया था कि ऑनलाइन Form-7 जमा होने का मतलब मतदाता का नाम अपने आप सूची से हट जाना नहीं है। आयोग के अनुसार आलंद में मिले 6,018 आवेदनों की जांच के बाद केवल 24 आवेदन सही पाए गए थे, जबकि 5,994 आवेदनों को गलत पाते हुए खारिज कर दिया गया था। संदिग्ध आवेदनों को देखते हुए फरवरी 2023 में आलंद थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।

इस मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद कर्नाटक पुलिस की एसआईटी ने दिसंबर 2025 में आरोपपत्र दाखिल किया था। इसमें पूर्व भाजपा विधायक समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया था। आरोपपत्र में ऑनलाइन मतदाता विलोपन आवेदन दाखिल करने में इस्तेमाल तकनीकी माध्यमों और आईपी एड्रेस से जुड़ी सामग्री भी शामिल की गई थी। अब बेलगावी में भी मतदाता सूची से नाम हटाने की कथित कोशिश को लेकर मामला दर्ज किया गया है। बेलगावी मार्केट पुलिस ने 30 सितंबर को भाजपा नेता डॉ. रवि पाटिल और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 198 मतदाताओं के नाम हटवाने के लिए Form-7 में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और गलत जानकारी का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने भारतीय
न्याय संहिता
की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। इस मामले में राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। भाजपा नेताओं ने एफआईआर पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि मतदाता सूची से संबंधित शिकायत उठाने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करना उचित नहीं है। दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने कथित फर्जी आवेदनों की विस्तृत जांच की मांग की है। कर्नाटक में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नाम हटाने के आवेदन सामने आने से विवाद बढ़ा है। फिलहाल पुलिस की जांच यह तय करेगी कि बेलगावी के आवेदनों में जानबूझकर फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
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